रोहित सिंह के ‘दिमाग’ की चर्चा,कलेक्टर को ‘धान और भूसी’ की कहानी समझाने में जुटे जिम्मेदार?

Editor in cheif
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उमरिया। जिले में नागरिक आपूर्ति निगम के करीब 8 करोड़ रुपये के धान घोटाले का मामला अब केवल अनियमितता तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। हैरानी की बात यह है कि मामले में संबंधित मिलर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और लगभग 8 करोड़ रुपये की राशि की वसूली के निर्देश जारी हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है।

जानकारी के अनुसार, यह धान नागरिक आपूर्ति निगम का शासकीय स्टॉक था, जिसके हिसाब-किताब में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई थीं। जांच के दौरान लगभग 8 करोड़ रुपये की अनियमितता उजागर होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संबंधित डीके राइस मिल के संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और राशि की वसूली के निर्देश दिए गए थे।

लेकिन आदेश जारी होने के एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। न तो संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज होने की स्पष्ट जानकारी सामने आई है और न ही करोड़ों रुपये की वसूली की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत मिले हैं।

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धान-धान, भूसी-भूसी’ में उलझा मामला?

कार्रवाई में हो रही लगातार देरी अब जिले में चर्चाओं का विषय बन गई है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतने बड़े मामले में आदेश जारी होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई को आगे क्यों नहीं बढ़ा पा रहे हैं। चर्चाओं में नागरिक आपूर्ति निगम के प्रभारी रोहित सिंह की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि मामले की वास्तविक कार्रवाई के बजाय फाइलों और तर्कों के जरिए अधिकारियों को ‘धान-धान और भूसी-भूसी’ की कहानी में उलझाने का प्रयास किया जा रहा है।

आदेश हुए, लेकिन अमल कब होगा?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जांच में अनियमितता सामने आ चुकी है और वरिष्ठ स्तर से एफआईआर एवं वसूली के निर्देश भी दिए जा चुके हैं, तो फिर कार्रवाई आखिर किस स्तर पर अटकी हुई है। करीब 8 करोड़ रुपये के शासकीय धान से जुड़े इस मामले में हर गुजरते दिन के साथ प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल और गहरे होते जा रहे हैं।

अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि कलेक्टर स्तर से जारी निर्देशों का वास्तविक क्रियान्वयन कब होगा, दोषियों के खिलाफ एफआईआर कब दर्ज होगी और करोड़ों रुपये की शासकीय राशि की वसूली आखिर कब शुरू की जाएगी।

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