इस शख्स को पहचानिए यह है सबसे बड़ा ब्लैकमेलर? 50 लाख नही देने पर फर्जी केश में फंसाने व्यापारी को दी धमकी,पीड़ित ने कलेक्टर और एसपी से लगाई गुहार

Editor in cheif
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उमरिया। जिला मुख्यालय में एक व्यापारी से एक शख्स ने 50 लाख रुपए की डिमांड की है। 50 लाख नहीं देने पर उस शख्स ने व्यापारी को फर्जी केस में फसाने की धमकी दी है। व्यापारी ने पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और कोतवाली उमरिया में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के नाम ब्लैकमेलिंग कर 50 लाख की डिमांड करने वाले इस शख्स को तस्वीर में पहचानिए और इससे सावधान रहने की आवश्यकता है।

बीते दिनों मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए बार-बार आधारहीन और झूठी शिकायतों को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों के कलेक्टर को निर्देश जारी किए थे, कि ऐसी शिकायत करने वालों को चिन्हित किया जाए जिसके लिए शासन स्तर से फॉर्मेट भी जिला कलेक्टर्स को उपलब्ध कराए गए थे ताकि झूठी शिकायतो को माध्यम बनाकर ब्लैकमेलिंग का धंधा चलाने वाले लोगों का चेहरा सामने लाया जा सके। कुछ इसी प्रकार का मामला उमरिया जिले से सामने आया है जिसमें एक प्रतिष्ठित व्यवसायी “आहूजा परिवार” के खिलाफ शिकायतकर्ता विकास सचदेव ने 100 से अधिक बार सीएम हेल्पलाइन और हर स्तर तक शिकायत की, हैरानी की बात यह है कि हर शिकायतों के बाद हुईं जांचों में हर बार शिकायत मनगढ़ंत, आधारहीन एवं तथ्यहीन पाई गई। इतना ही नहीं इसके बाद शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारियों को भी भ्रष्ट बता दिया।

50 लाख दो नहीं तो इस बार फर्जी केश में फंसा दूंगा

आहूजा परिवार द्वारा दिनांक 30/6/26 को जिले के पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी को लिखित आवेदन पत्र सौंपा गया जिसमें परिवार ने विकास सचदेव पर आरोप लगाया है कि दिनांक 27 जून 2026 की रात्रि विनोद आहूजा जब अपने घर जा रहे थे तब जैन मंदिर पास विकास सचदेव ने उन्हें रोककर कहा कि मेरे खिलाफ जितने भी मुकदमे मानहानि आदि के चल रहे हैं सब वापस ले लो और 50 लाख रुपए दे दो नहीं तो अभी सिर्फ शिकायतें करता हूं अब अपने ऊपर हमला करवा कर तुम्हारे पूरे परिवार को फंसा दूंगा । आहूजा परिवार ने आवेदन में यह भी बताया है कि वर्ष 2023 में भी विकास सचदेव ने 25 लाख की मांग की थी जिसकी सूचना पुलिस को दी गई थी उक्त मामला न्यायालय में विचाराधीन है और विकास सचदेव जमानत पर है।

2021 से 26 तक के ब्लैकमेलिंग का रिकॉर्ड

आए दिन फर्जी शिकायत को अपना पेशा बना चुके विकास सचदेव ने दिनांक 23 -11- 2021 को व्यवसायी आहूजा परिवार के खिलाफ निर्माण कार्य से संबंधित फर्जी शिकायत की जिसके पश्चात फर्जी शिकायत कर ब्लैकमेलिंग करने का सिलसिला अनवरत शुरू रहा, दिनांक 29- 3 -2023 पुनः व्यावसायिक परिसर निर्माण संबंधित शिकायत, दिनांक 10- 4 -23 को अनुविभागीय अधिकारी बांधवगढ़ को व्यावसायिक परिसर निर्माण संबधित शिकायत, दिनांक 27-4 -23 को फिर से निर्माण संबंधित शिकायत दिनांक 27 – 2- 2024 टैक्स चोरी की फर्जी शिकायत दिनांक 7-5-24 सीएम हेल्पलाइन में स्टांप ड्यूटी संबधित फर्जी शिकायत, दिनांक 12- 6 -24 कलेक्टर महोदय के समक्ष पुनः आवेदन दिनांक 9- 12-2024 राजस्व मंत्री के समक्ष पुनः फर्जी शिकायत, दिनांक 17- 6-25 को प्रदेश के मुख्यमंत्री से फर्जी शिकायत दिनांक 26 -6-25 शहडोल संभागायुक्त के समक्ष पुनः मुआवजा संबंधित शिकायत दिनांक 3-7-25 पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत दिनांक 23-9-25 कलेक्टर महोदय के समक्ष शिकायत दिनांक 28- 10 -25 को जनसुनवाई में फिर से शिकायत दिनांक 15-1-26 को थाना प्रभारी के समक्ष आवेदन इस प्रकार 100 से अधिक बार शिकायतकर्ता बार-बार फर्जी शिकायतों के माध्यम से परिवार को फर्जी शिकायतों में उलझा कर ब्लैकमेलिंग कर रहा है।

हर स्तर पर निराधार पाई गई शिकायतें

बार बार फर्जी शिकायतों के लिए पहचान बना चुके विकास सचदेव ने कलेक्टर,कमिश्नर से लेकर मुख्यमंत्री तक टारगेट बनाकर प्रतिष्ठित व्यावसायिक आहूजा परिवार के खिलाफ परेशान करने और छवि धूमिल करने के साथ पैसे ऐंठने के लिए शिकायतें की इन सभी शिकायतों के साथ साथ माननीय उच्च न्यायालय, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ( ई ओ डब्लू) में भी मामला सुना गया लेकिन मामले में आहूजा परिवार को क्लीन चिट प्राप्त हुई लेकिन विकास ने इसकी भी अवहेलना करते हुए पुनः शिकायतें जारी रखी और पूर्व कलेक्टर ने माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद मामले की जांच कराई जिस पर माननीय उच्च ने पूर्व कलेक्टर पर सख्त टिप्पणी करते हुए न सिर्फ जुर्माना लगाया साथ ही आहूजा परिवार को उक्त मामले में पहले ही बरी किया जा चुका है इसकी याद भी दिलाई। लेकिन विकास सचदेव जिले के कलेक्टर बदलते ही पुनः उन्हें शिकायतों के माध्यम से भ्रमित कर न सिर्फ उक्त व्यवसायिक आहूजा परिवार को आर्थिक एवं मानसिक प्रताड़ित करता है बल्कि माननीय उच्च न्यायालय को भी चुनौती देता है।

जिला प्रशासन ने दी क्लीन चिट

उमरिया के तत्कालीन कलेक्टर डी के जैन द्वारा दिनांक 29-05-2024 को ऐसी ही शिकायत के कारण आदेश क्रमांक 1608/ कलेक्टर/शिकायत पर तत्कालीन अपर कलेक्टर शिव गोविंद मरकाम अनुविभागीय अधिकारी टी आर नाग एवं प्रभारी भू अभिलेख अधीक्षक एल के शर्मा की समिति बनाकर जांच करने का आदेश दिया था जिसकी जांच प्रतिवेदन नस्ती क्रमांक 3663 दिनांक 19-07-2024 में जांच टीम ने विस्तृत रूप से जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसमें न सिर्फ शिकायत पत्र निरस्त करने की अनुशंसा की गई बल्कि बिंदुवार सभी तथ्यों को सामने रखा गया जांच प्रतिवेदन में बताया गया कि मुआवजा संबंधित शिकायती पत्र में उल्लेखित आरोप पूर्ण रूप से निराधार है एवं इसकी जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) द्वारा भी की जा चुकी है जिस जांच रिपोर्ट में भी शिकायत निराधार पाते हुए नस्तीबद्ध की गई है।

5 मानहानि के मुकदमे चल रहे

विकास सचदेव पर इन निराधार और मनगढ़ंत शिकायतों और आरोप लगाने के चलते में केस नंबर 665/2025, 188/2024, 68/2025, 14/2025 मानहानि के मुकदमे चल रहे हैं यही नहीं एक मुकदमे में विकास जमानत पर बाहर है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे ब्लैकमेल करने वालों को जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन आदि से न सिर्फ ब्लैकलिस्ट करना चाहिए बल्कि इनके खिलाफ शासन प्रशासन को गुमराह करने शासकीय सेवकों को ऊल जुलूल की शिकायतों में समय खराब करने आदि का जिम्मेदार मानते हुए कार्यवाही करनी चाहिए।

नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय में फिर की झूठी शिकायत

विकास सचदेव ने दिनांक 5-6-26 एवं दिनांक 8-6-26 को नगर एवं ग्राम निवेश कार्यालय शहडोल में आहुजा ब्रदर्स पर कूटरचित दस्तावेजों द्वारा अनुज्ञा प्राप्त करने की झूठी शिकायत की गई जबकि उक्त मामले में पूर्व में भी शिकायत के बाद तत्कालीन कलेक्टर बुद्धेश वैध द्वारा प्रकरण क्रमांक 38/ब 121 निराकरण दिनांक 27/2/24 में पाया कि शिकायत पत्र में उल्लेखित आक्षेप गलत हैं निर्माण निजी भूमि में हुआ है शासकीय जमीन इसके रिक्त है एवं सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त हैं।

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