उमरिया। जिले में आगामी 15 जून से 18 जून तक राज्य स्टारीय सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें प्रदेश भर से टीमें उमरिया पहुंचेंगी और फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग लेगी। लेकिन प्रतियोगिता प्रारंभ होने से पहले ही प्रतियोगिता के आयोजन में सवाल खड़े होने लगे हैं। चूंकि आयोजन समिति के ऊपर पूर्व में कराई गई तमाम प्रतियोगिताओं में शासन के नियमों को दरकिनार कर प्रतियोगिता की राशि का बंदरवाट करने के आरोप लगते रहे हैं।
दरअसल कुछ ही महीने पूर्व संपन्न हुए राष्ट्रीय शालेय फुटबॉल चयन प्रतियोगिता मैं आयोजन समिति के द्वारा शासन के नियमों की जिस तरीके से धज्जियां उड़ाई गई और राशि का बंदरबाँट करने का प्रयास किया गया वह किसी से छिपा नहीं है। यही वजह है कि 15 जून से जिले में होने वाली सुब्रतो मुखर्जी राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता को लेकर आयोजन समिति के ऊपर प्रतियोगिता में गड़बड़ी करने और राशि का बंदरवॉट करने की चर्चाएं शुरू हो गई है। हालांकि राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता के आयोजन के दौरान शासन के नियमों की अनदेखी और पूरी प्रतियोगिता में गड़बड़ी करने की खबरें लगातार मीडिया में आने के चलते जिले के तत्कालीन कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने अतिरिक्त कलेक्टर की अध्यक्षता में एक सत्यापन समिति का गठन कर दिया था जिसके कारण प्रतियोगिता के दौरान हुए तमाम प्रकार की गड़बड़ियां सामने आ गई और आयोजन समिति के द्वारा अनाप-शनाप बिलों के भुगतान की कार्यवाही रोक दी गई थी।
जबकि राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता के नोडल अधिकारी रहे जिला पंचायत सीईओ के द्वारा अनाप-शनाप बिलों के भुगतान के लिए जमकर दबाव बनाया गया। इतना ही नहीं भुगतान को लेकर कलेक्टर की अध्यक्षता में होने वाली साप्ताहिक समीक्षा बैठक में एडीएम और सीईओ के बीच में जमकर बहस हुई और माहौल गरमा गया। इसके बावजूद भी अनाप-शनाप बिलों का भुगतान नहीं हो पाया। इसकी वजह यह रही कि आयोजन समिति के द्वारा प्रतियोगिता में शासन के निर्देश, भंडार एवं क्रय और निविदा शर्तो का बिल्कुल भी पालन नहीं किया गया।
अब जिले में एक बार फिर सुब्रतो मुखर्जी राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाना है। देखना होगा आयोजन समिति के द्वारा इस प्रतियोगिता में शासन के निर्देशों का पालन किया जाता है। या फिर पूर्व में संपन्न हुई राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता की तरह गड़बड़ी कर शासन की राशि में भ्रष्टाचार और राशि का बंदरबांट करने की नई रणनीति बनाई जाती है.?