उमरिया। नगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान आर. सी. स्कूल में जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर देश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं को इस आधुनिक युग में भी जीवंत एवं प्रासंगिक बनाए रखने के उद्देश्य से हर वर्ष की भांति बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की विभिन्न प्रस्तुतियाँ दीं।
कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में विद्यालय संचालक श्री विश्वजीत पाण्डेय की उपस्थिति में भगवान श्रीकृष्ण एवं माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में संस्था प्रमुख श्री पाण्डेय जी ने बच्चों को देश की गौरवशाली धार्मिक परंपराओं एवं भगवान श्रीकृष्ण के चौंसठ कलाओं से पूर्ण विराट व्यक्तित्व के विषय में सरल एवं सुबोध भाषा में जानकारी दी। उन्होंने श्रीमद भगवद गीता एवं महाभारत से भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं के बारे में संक्षिप्त रूप में नन्हें-मुन्ने बच्चों को बताया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से बाल वाटिका-1 से लेकर कक्षा द्वितीय तक के छात्र-छात्राएँ सम्मिलित हुए।
जन्माष्टमी के अवसर पर बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण, राधा रानी, नंद बाबा, वसुदेव, देवकी, सुदामा, द्वारपाल, बलदाऊ, भगवान विष्णु सहित विभिन्न पौराणिक पात्रों का आकर्षक रूप धारण कर अत्यंत सुंदर एवं मनमोहक झांकियाँ प्रस्तुत कीं। नन्हे बच्चों की मनमोहक वेशभूषा, मासूम भाव-भंगिमाओं और शानदार प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। जहाँ एक ओर ऑडिटोरियम का वातावरण पूरी तरह कृष्णमय और भक्तिमय हो गया, वहीं दूसरी ओर श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, उनके जीवन एवं भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली। कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

विद्यालय के कला एवं शिल्प विभाग तथा संगीत विभाग ने मिलकर इस अविस्मरणीय कार्यक्रम का आयोजन किया। श्रीमती रूपा दास, श्री विष्णु द्विवेदी, श्रीमती शहनाज बेगम, सुश्री सृष्टि सेन एवं समस्त पूर्व-प्राथमिक शिक्षिकाओं ने पूर्ण मनोयोग से कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया। प्राचार्या एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सभी बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम बच्चों में भारतीय संस्कृति, संस्कार, परंपराओं और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के उप-प्राचार्य श्री दीपक श्रीवास्तव ने भगवान श्रीकृष्ण से विद्यालय के समस्त विद्यार्थियों, शिक्षकगण एवं अभिभावकों के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने नन्हे-मुन्ने बच्चों को उनकी मनमोहक प्रस्तुतियों के लिए उत्साहित किया एवं उनके साथ अविस्मरणीय पल बिताए।