कटनी। जिले के बरही थाना क्षेत्र से एक आदिवासी महिला के साथ कथित रूप से मारपीट और जबरन अपराध कबूल कराने के लिए दबाव बनाने का गंभीर मामला सामने आया है। महिला ने बरही थाना प्रभारी अरविंद चौबे सहित कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
महिला का आरोप है कि उसके साथ थाने में बेरहमी से मारपीट की गई और उस पर किसी अपराध को स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया गया। पीड़िता का दावा है कि मारपीट के कारण उसके शरीर के पिछले हिस्से पर गंभीर चोटों के निशान पड़ गए हैं।
तबीयत बिगड़ने पर घर के पास छोड़े जाने का आरोप
महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोशी जैसी स्थिति में पहुंच गई। परिजनों का आरोप है कि गंभीर हालत में उसे किसी वाहन से घर के पास छोड़ दिया गया। महिला की हालत देखकर परिवार के लोग भी घबरा गए, जिसके बाद पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की गई।
शराब में संदिग्ध पदार्थ मिलाने का भी आरोप
बताया जा रहा है कि मामला एक आदिवासी महिला से जुड़ा है, जो गांव में पूजा-पाठ का कार्य करती है। परिजनों के अनुसार, गांव में धार्मिक आयोजन के लिए ग्रामीणों से चंदा एकत्रित करने के बाद कुछ लोग शराब पीने गए थे। आरोप है कि शराब में किसी संदिग्ध पदार्थ को मिलाकर पिलाया गया, जिसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई।
शिकायत करने पहुंची महिला पर ही कार्रवाई का आरोप
पीड़ित महिला का आरोप है कि जब वह अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंची तो उसकी शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उसके साथ कथित रूप से मारपीट की गई। साथ ही उसे किसी अपराध में फंसाने अथवा अपराध कबूल कराने के लिए दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, पूरा मामला महिला के ससुर से जुड़े एक विवाद से संबंधित बताया जा रहा है। महिला ने आरोप लगाया है कि जिन लोगों पर उसके ससुर के साथ हुई घटना में गंभीर संदेह था, उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने का प्रयास किया गया।
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हालांकि, महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। चूंकि मामला आदिवासी महिला से जुड़ा है, इसलिए इसकी संवेदनशीलता और बढ़ जाती है। ग्रामीणों एवं सामाजिक संगठनों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की जा रही है। महिला की मांग है कि मामले की जांच स्थानीय थाना पुलिस से अलग किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अथवा स्वतंत्र जांच अधिकारी से कराई जाए, ताकि शिकायतकर्ता के आरोपों और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो सके।
सौजन्य से जबलपुर एक्सप्रेस