उमरिया। जिले के मानपुर क्षेत्र स्थित ग्राम सेहरा बस्कुटा में संचालित डीके राइस मिल में आग लगने की घटना की जांच में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर मिल में रखी गई बड़ी मात्रा में धान के गायब होने और आगजनी की घटना को संदिग्ध पाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित मिल संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने एवं राशि की वसूली की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, बारिश के दौरान राइस मिल में आग लगने की घटना के बाद कलेक्टर के निर्देश पर जांच कराई गई थी। जांच में प्रथम दृष्टया आग शॉर्ट सर्किट से लगने के बजाय लगाए जाने की आशंका जताई गई। जांच के दौरान कथित तौर पर धान की बोरियों में धान के स्थान पर भूसा भरे होने सहित अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं। बताया गया कि जांच में अन्य जिले की धान की बोरियां भी बरामद हुई हैं।
जांच रिपोर्ट में करोड़ों रुपये मूल्य की धान के गायब होने का उल्लेख किया गया है। बताया जा रहा है कि इसकी कीमत करीब 8 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने नागरिक आपूर्ति निगम के प्रभारी को मिल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा संबंधित राशि की वसूली के लिए कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बताया गया कि मीडिया में मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने बीते सोमवार को भी नागरिक आपूर्ति निगम के प्रभारी को कार्रवाई कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। हालांकि, कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। पुलिस द्वारा मांगे गए आवश्यक दस्तावेज और जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने में भी विलंब की बात सामने आ रही है।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर जारी है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश के बावजूद संबंधित मिल संचालक के विरुद्ध अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस बहुचर्चित मामले में आगे क्या कदम उठाता है।