उमरिया (संवाद)। मध्य प्रदेश के एक जिले में पदस्थ कलेक्टर के द्वारा अपनी सरकारी गाड़ी में कलेक्टर लिखने की बजाय लोक सेवक लिखाया है। उनके द्वारा इस तरह से अपने गाड़ी में लिखने के बाद पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि इसके पहले भी कलेक्टर अपनी सादगी और कार्यशैली के रूप में जाने जाते रहे हैं।
Dindauri: कलेक्टर ने अपनी शासकीय गाड़ी में लिखाया “लोक सेवक”कहा संविधान में कोई उल्लेख नही, पहले भी अपनी सादगी के चलते सुर्खियों में रहे

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Dindauri: कलेक्टर ने अपनी शासकीय गाड़ी में लिखाया “लोक सेवक”कहा संविधान में कोई उल्लेख नही, पहले भी अपनी सादगी के चलते सुर्खियों में रहेDindauri: कलेक्टर ने अपनी शासकीय गाड़ी में लिखाया “लोक सेवक”कहा संविधान में कोई उल्लेख नही, पहले भी अपनी सादगी के चलते सुर्खियों में रहेDindauri: कलेक्टर ने अपनी शासकीय गाड़ी में लिखाया “लोक सेवक”कहा संविधान में कोई उल्लेख नही, पहले भी अपनी सादगी के चलते सुर्खियों में रहे
दरअसल यह कलेक्टर मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिला डिंडोरी में कलेक्टर (लोक सेवक) पोस्टेड है। हाल ही में उनके द्वारा उनकी शासकीय गाड़ी में लिखे कलेक्टर को हटाकर लोक सेवक लिखाकर नेम प्लेट लगाया है। डिंडोरी जिले के कलेक्टर विकास मिश्रा के द्वारा अपनी गाड़ी में लोक सेवक लिखाया गया है। इस दौरान पत्रकारों के द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि संविधान में कहीं भी कलेक्टर का उल्लेख नहीं है।
Dindauri: कलेक्टर ने अपनी शासकीय गाड़ी में लिखाया “लोक सेवक”कहा संविधान में कोई उल्लेख नही, पहले भी अपनी सादगी के चलते सुर्खियों में रहे

उन्होंने कहा कि वह एक लोक सेवक की तरह आम जनता का काम करते है। इसलिए वह लोक सेवक ही है। हालांकि इसके पहले भी डिंडोरी कलेक्टर विकास मिश्रा कई बार अपनी सादगी और अपनी साफ सुथरी कार्य प्रणाली के लिए जाने जाते रहे हैं। पूर्व के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कई बार उनके कार्यों की सराहना कर चुके हैं। लेकिन उनके द्वारा अपनी सास की गाड़ी में लोक सेवक लिखवा जाने के बाद पूरे प्रदेश के बू्रोक्रेट्स में इस बात की चर्चा का विषय बनी हुई है।