2017 में नरेंद्र मरावी से हुई थी शादी, राजेंद्रग्राम कोर्ट ने जारी की तलाक की डिक्री; दो बार शहडोल से सांसद चुनी जा चुकी हैं हिमाद्री सिंह
शहडोल। शहडोल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह के जीवन में एक और बड़ा बदलाव आया है। पति नरेंद्र मरावी से उनका वैवाहिक संबंध अब कानूनी रूप से भी समाप्त हो गया है। अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम न्यायालय ने तलाक के मामले में डिक्री जारी कर दी है। हालांकि दोनों लंबे समय से अलग रह रहे थे, लेकिन अब उनका दांपत्य जीवन आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया है। पति से अलगाव के बाद हिमाद्री सिंह के निजी जीवन की चर्चा एक बार फिर सामने आई है। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। अब उनकी बेटी गिरिशा कुमारी सिंह उनके जीवन का सबसे अहम सहारा है। हाल ही में सांसद ने बेटी और उसके द्वारा बनाई गई गणेश प्रतिमा की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी।
राजनीतिक विरासत से मिली पहचान
हिमाद्री सिंह का संबंध एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से है। उनके पिता दलवीर सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के मंत्रिमंडल में भी शामिल थे। उनकी मां राजेश नंदिनी सिंह भी शहडोल से सांसद रह चुकी हैं और कोतमा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। हिमाद्री सिंह की शुरुआती पढ़ाई दिल्ली में हुई। राजनीति में उनकी शुरुआत हालांकि आसान नहीं रही। वर्ष 2016 में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुईं
वर्ष 2019 में हिमाद्री सिंह ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा। इसके बाद भाजपा ने उन्हें शहडोल लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज कर पहली बार लोकसभा में प्रवेश किया। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने शहडोल सीट से जीत हासिल की और लगातार दूसरी बार सांसद बनीं।हिमाद्री सिंह की भाजपा में एंट्री में उनके पति नरेंद्र मरावी की भूमिका को लेकर भी उस समय राजनीतिक चर्चाएं रही थीं।
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बेटी गिरिशा के साथ रहेंगी सांसद
हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी की शादी वर्ष 2017 में हुई थी। दोनों की एक बेटी गिरिशा कुमारी सिंह है, जिसका जन्म 20 जून 2019 को हुआ। तलाक के बाद अब सांसद अपनी बेटी के साथ ही रहेंगी।
बताया जाता है कि गिरिशा का अपनी मां से गहरा लगाव है। हिमाद्री सिंह ने भी बेटी की परवरिश की जिम्मेदारी खुद संभालने का फैसला किया है। तलाक की कार्यवाही के दौरान उन्होंने पति से भरण-पोषण की राशि की मांग नहीं की। राजनीतिक जीवन में लगातार सक्रिय रहने वाली हिमाद्री सिंह के लिए निजी जिंदगी में आए इस बदलाव के बाद अब बेटी गिरिशा उनके सबसे करीब हैं।
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