उमरिया (संवाद) जिले के तहसील पाली अंतर्गत पटवारियों के ऊपर पाली एसडीएम के द्वारा की गई दुर्भावनापूर्ण कार्यवाही को कलेक्टर ने निरस्त कर दिया है। बताया गया कि एसडीएम की कार्यवाही के बाद पटवारियों से मांगे गए जवाब के लिए उचित समय नहीं दिया गया था। जिसकी सुनवाई करते हुए कलेक्टर डॉ केडी त्रिपाठी के द्वारा एसडीएम की कार्यवाही को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए निरस्त कर दिया है और पटवारियों को वापस पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करने के लिए निर्देशित किया है।

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उमरिया (संवाद) जिले के तहसील पाली अंतर्गत पटवारियों के ऊपर पाली एसडीएम के द्वारा की गई दुर्भावनापूर्ण कार्यवाही को कलेक्टर ने निरस्त कर दिया है। बताया गया कि एसडीएम की कार्यवाही के बाद पटवारियों से मांगे गए जवाब के लिए उचित समय नहीं दिया गया था। जिसकी सुनवाई करते हुए कलेक्टर डॉ केडी त्रिपाठी के द्वारा एसडीएम की कार्यवाही को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए निरस्त कर दिया है और पटवारियों को वापस पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करने के लिए निर्देशित किया है।गौरतलब है कि बीते 3 जून को पाली तहसील के अनुविभागीय अधिकारी के द्वारा तहसील अंतर्गत विभिन्न हलकों में पदस्थ 6 पटवारियों के ऊपर लापरवाही बरतने के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। बताया गया कि पटवारियों को यह नोटिस जारी करते हुए उन्हें नोटिस जारी करने के दिन ही जवाब देने का समय निर्धारित किया गया था। जिसके खिलाफ पटवारी संघ ने जिलेभर के पटवारियों के साथ मिलकर उमरिया कलेक्टर डॉ केडी त्रिपाठी को इस मामले में ज्ञापन सौंपा गया था और सभी पटवारियों ने एसडीएम की दुर्भावनापूर्ण कार्यवाही के लिए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी।पटवारी संघ के द्वारा सौपे गए ज्ञापन में रखी मांग के मद्देनजर सुनवाई करते हुए यह है पाया कि एसडीएम पाली के द्वारा 6 पटवारी देवेंद्र कुमार सोनी, कैलाश सिंह मरावी, सुरभि जैन, लक्ष्मी तिवारी, अशोक कुमार गुप्ता,सहित अन्य के खिलाफ की गई कार्यवाही दुर्भावनापूर्ण है। चूंकि कारण बताओ नोटिस के जवाब के लिए पटवारियों को उचित समय नहीं दिया गया था, जिससे वह अपना जवाब प्रस्तुत कर सकें। इसी बात के मद्देनजर कलेक्टर डॉ केडी त्रिपाठी ने एसडीएम पाली के द्वारा पटवारियों पर की गई कार्यवाही को निरस्त कर दिया है। वहीं पटवारियों को निर्देशित किया है कि वह है पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपना कार्य करें।