उमरिया (संवाद)। उमरिया जिले में रेत उत्खनन को लेकर ठेका कंपनी की मनमानी और खनिज विभाग की सांठ गांठ से शासन को मिलने वाली रॉयल्टी में करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है। दरअसल रेत ठेका कंपनी बाबा महाकाल मिनरल्स के द्वारा अपने शुरुआत से ही जिन स्थानों में रेत खदानें स्वीकृत नहीं है उन स्थानों पर भी बड़ी-बड़ी मशीने लगाकर नदियों और नालों में नियम विरुद्ध तरीके से रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। ठेका कंपनी के द्वारा रेत का ठेका लिए जाने के बाद से जिले की निर्धारित खदानों से ही रेत का उत्खनन किया जाना था। लेकिन ठेका कंपनी बाबा महाकाल मिनरल्स के द्वारा निर्धारित खदानों के अलावा जिले भर के कई अन्य स्थानों जहां रेत खदान स्वीकृत भी नहीं है वहां से भी अवैध उत्खनन किया जा रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक ताजा मामला चंदिया तहसील अंतर्गत झाला टेकन से सामने आया है जहां पर कोई रेत खदान स्वीकृत नहीं है। लेकिन ठेका कंपनी बाबा महाकाल मिनरल्स के द्वारा अवैध रूप से नदी के स्वरूप को बिगाड़ कर बड़ी-बड़ी मशीनों से रेत का भारी मात्रा में अवैध उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है। इतना ही नहीं ठेका कंपनी के गुर्गों के द्वारा वहीं आसपास से मुरुम का अवैध उत्खनन कर करछुलिया से सड़क बनाकर नदी की पटाई की जा रहा है जिस नदी के बीच और दोनों तरफ अवैध उत्खनन किया जा सके।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ठेका कंपनी के द्वारा इस तरह के अवैध उत्खनन में जिले के खनिज विभाग की खुली संलिप्तता सामने आई है। यही वजह है कि ठेका कंपनी के द्वारा किए जा रहे तमाम स्थानों पर अवैध उत्खनन मामले में खनिज विभाग आंखें मूंदे हुए है। जिले वासियों ने नवागत कलेक्टर से जिलेभर में चल रहे रेत के अवैध उत्खनन मामले में सख्त कार्यवाही करने की मांग की है।
आगे भी लगातार हमारे द्वारा रेत ठेका कंपनी बाबा महाकाल मिनरल्स के द्वारा जिले भर के अलग-अलग स्थानों से किये जा रहे अवैध उत्खनन और इसमें शामिल सफेद पोशों की जानकारी लगातार प्रमुखता से उठाते रहेंगे।
