उमरिया। नगर पालिका उमरिया के राजस्व कर्मचारियों ने तो सारी हदें पार कर दी। बार-बार शिकायतें और इनकी कार गुजारियां सामने आने के बाद भी विभाग या जिला प्रशासन मौन साधे हुए हैं। नगर के रहवासी न सिर्फ इनसे परेशान है बल्कि नगर पालिका को मिलने वाले राजस्व की भी जमकर हानि हो रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक नगर पालिका के राजस्व शाखा में पदस्थ कुछ कर्मचारियों के द्वारा संपत्ति कर के नाम अवैध वसूली से नगर के रहवासियों को परेशान किया जा रहा है। वहीं उनके द्वारा नगर पालिका को मिलने वाले संपत्ति कर के रूप में राजस्व का भी भारी नुकसान किया जा रहा है। इन कर्मचारियों के द्वारा नगरवासियों को संपत्ति कर के नाम भारी भरकम राशि वसूली के नाम से नोटिस देकर डराया जाता है, बाद में दबाव बनाकर समझौता और सेटलमेंट के नाम पर अवैध वसूली कर मामले में लीपापोती कर दी जाती है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इन राजस्व कर्मचारियों ने तो हद तब पर कर दी जब नगर पालिका के एक बड़े अधिकारी के रिश्तेदार के यहां भी इन्होंने यही किया। इनके द्वारा संपत्ति कर के नाम भारी भरकम राशि वसूली का नोटिस जारी किया और बाद में सेटलमेंट कर लिया। कर्मचारियों के द्वारा कुछ राशि संपत्ति कर के नाम विभाग में जमा की गई और सेटलमेंट करने के लिए अवैध वसूली कर ली गई। बाद में जब इसकी जानकारी विभाग के बड़े अधिकारी को लगी तब उस अधिकारी ने राजस्व कर्मचारी को जमकर फटकार लगाई। इसके बाद उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जो भी राशि वह अवैध रूप से लिया है उसे तत्काल वापस करें। हालांकि अधिकारी की डांट फटकार के बाद राजस्व कर्मचारी ने जो राशि रिश्वत के तौर पर ली थी उसे पीड़ित के घर जाकर लौटानी पड़ी।
अब बड़ा सवाल यह है कि यह मामला नगर पालिका के बड़े अधिकारी के रिश्तेदार से जुड़ा हुआ था,इसलिए कर्मचारियों ने डांट फटकार सहकर अवैध वसूली की राशि लौटा दी।लेकिन इन कर्मचारियों के द्वारा नगरवासियों के साथ आये दिन ऐसी घटना कारित की जाती है जिसकी न तो कोई शिकायत हो पाती है और ना ही कोई कार्यवाही हो पाती है।नगरवासियों ने संबंधित विभाग और जिले के कलेक्टर से इन राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।