शहडोल (संवाद)। जिले के जयसिंहनगर इलाके में जंगली हाथियों के आतंक के बाद अब बाघ के आतंक का भय व्याप्त है। बीते दिनों घियार गांव में बाघ के हमले में एक बच्ची की मौत के बाद अब ग्रामीण दहशत में है। बाघों के लगातार मूवमेंट से ग्रामीण अपने घरों से नहीं निकल पा रहे हैं। वहीं ग्रामीण आक्रोशित होकर वन विभाग पर लापरवाही का भी आरोप लगा रहे हैं।
दरअसल शहडोल जिले की जयसिंह नगर से लेकर व्यवहारी का ग्रामीण इलाका जंगल के खूंखार जानवरों से परेशान हो चुके हैं इसके पहले इस पूरे इलाके के आधा सैकड़ा गांवों में जंगली हाथियों का आतंक किसी से छिपा नहीं है अभी तक दर्जनभर लोगों को जंगली हाथियों ने कुचल कर मौत के घाट उतार चुके हैं। जिसके बाद जंगली हाथियों के मौत का आतंक थमा भी नहीं था कि अब ग्रामीणों को बाघ का भय सताने लगा है। बीते दिन इसी इलाके के घियार गांव की एक मासूम बच्ची पर बाघ ने हमला कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई। तभी से लगातार उस इलाके में बाघों की मूवमेंट से ग्रामीण दहशत में हैं और उन्हें उनकी जान का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा इलाका जंगली हाथियों के आतंक और उनके खूंखार रुख से त्रस्त हो गया है जबकि इलाके की दुर्दशा से कोई भी अपरिचित या अनजान नहीं है यहां के हालातों की जानकारी सभी उच्चाधिकारियों के होने के बावजूद भी खासकर वन विभाग के द्वारा कोई भी ठोस और माकूल व्यवस्था बनाने की बजाए लगातार लापरवाही बरत रहा है जिससे इस पूरे इलाके के लोगों की जान जोखिम में है बाघ के हमले के बाद लगातार उसकी मूवमेंट इस इलाके में देखी जा रही है जिससे ग्रामीण अपने घरों से भी नहीं निकल पा रहे हैं लेकिन विभाग के द्वारा कोई भी उचित कार्यवाही या ग्रामीणों की जानमाल की सुरक्षा नहीं की जा रही है। जिस कारण इलाके के ग्रामीण आक्रोशित होकर वन विभाग को कोस रहे हैं। वही अब ग्रामीणों को उनकी खेतों में खड़ी फसल को काटने और दोबारा खेती करने में भी परेशानी हो रही है।