शहडोल (संवाद)। शहडोल जोन के एडीजी डी. सी. सागर के द्वारा जोन अंतर्गत शहडोल, उमरिया एवं अनूपपुर जिले में अपराधों की समीक्षा बैठक की गई और अपराधों के रोकथाम, उनके निराकरण, फरार अपराधियों की पतारसी, स्थायी और गिरफ्तारी वारंटों की तामीली, सायबर फ्रॉड, धोखाधड़ी आदि के प्रकरणों, लंबित मर्गों एवं शिकायतों के निराकरण हेतु रणनीति के अंतर्गत प्रोत्साहित एवं निर्देशित किया गया है।
सभी थाना प्रभारियों, अनुविभागीय पुलिस अधिकारियों, अति. पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक का ध्यान इस ओर आकर्षित करवाया गया कि गंभीर प्रकृति के अपराध जैसे हत्या और बलात्कार आदि के प्रकरणों को गंभीरतापूर्वक लें और उनकी विवेचना एवं पर्यवेक्षण सम्पूर्ण निष्ठा, व्यवसायिक निपुणता के साथ करें, वैज्ञानिक/फोरेंसिक/सायबर विशेषज्ञता का यथा-आवश्यकता विवेचना के क्रियान्वयन में अंतनिर्हित करें और तत्परता से ऐसे प्रकरणों की विवेचना सुनिश्चित करें। ऐसे प्रकरणों की विवेचना पूर्ण कर, माननीय न्या यालय में तत्प रतापूर्वक समग्र वैज्ञानिक रिपोर्टों के साथ चालान पेश करें। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के विरल से विरलतम आपराधिक प्रकरणों के निर्णयों का अध्ययन कर, अपनी व्यवसायिक योग्यता में उत्तरोत्तर सुधार करें।
राजपत्रित अधिकारियों को उनके द्वारा किए जा रहे सभी प्रकार के अपराधों के पर्यवेक्षण को व्यवसायिक दक्षता से संपादित करने के लिए निर्देशित किया गया। सभी थाना प्रभारियों को भारतीय दण्ड विधान की धारा 415, 420 आदि का अध्ययन कराया गया। जिला अनूपपुर एवं शहडोल में दो आवेदकों द्वारा शिकायत प्रेषित की गई कि उनकी जगह पर छद्म रूप से अन्य किसी व्यक्ति द्वारा कई वर्षों से नौकरी किया जा रहा है। इस शिकायत को गंभीरतापूर्वक एवं विधिसम्मत तरीके से निराकृत करने के लिए समझाइश दी गई।
बैठक में जिला शहडोल, उमरिया एवं अनूपपुर के पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्ति पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी और सभी थाना प्रभारी व चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।