उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा अंतर्गत खेरवा मोहल्ला में शुक्रवार तड़के हुई बाघ की घुसपैठ ने पूरे इलाके को दहला दिया।एक बाघ घर में घुस गया और महिला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।महिला को बचाने पहुंचे पति, पिता और ससुर भी बाघ के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए।मृतिका की पहचान फूल बाई पति पहलू पाल उम्र करीब 40 वर्ष के रूप में हुई है।
मिली जानकारी के मुताबिक रात लगभग 3 बजे बाघ अचानक घर में घुस आया और घर मे सो रही महिला पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया। महिला की चीख सुनकर पति पहलू पाल, पिता और ससुर दशई पाल बचाने पहुंचे,लेकिन बाघ ने उन पर भी हमला कर दिया। तीनों घायलों को गंभीर हालत में मानपुर अस्पताल लाया गया,जहां उनका उपचार जारी है।स्थिति की भयावहता इस बात से समझी जा सकती है कि घटना के कई घंटे बाद भी बाघ घर के भीतर ही मौजूद बताया जा रहा है।
परिवार के अन्य सदस्यों पर भी हमले की आशंका बनी हुई है,जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है।घर के बाहर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा है,लेकिन डर के कारण कोई भी अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है।सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी अन्य अनहोनी से बचा जा सके। वन अमला बाघ को सुरक्षित बाहर निकालने और क्षेत्र को खाली कराने की कोशिश में जुटा हुआ है,खबर यह भी है कि नाराज़ ग्रामीणों ने वन परिक्षेत्राधिकारी पर भी हमला किया है,जिससे उनके सर पर चोट पहुंची है।
बताया जा रहा है कि मृतिका के पिता कुछ दिन पहले ही किसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने बेटी के घर आए थे, लेकिन यह यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई।आबादी क्षेत्र में बाघ के इस हमले के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ रही है,लेकिन सुरक्षा और निगरानी के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे।फिलहाल पूरे खेरवा मोहल्ला में भय, तनाव और मातम का माहौल बना हुआ है।कुल मिलाकर पार्क अमले को एक ओर बाघ को बाहर निकालने की चुनोती है,वही ग्रामीणों की नाराजगी को भी कंट्रोल करना चुनौती पूर्ण है।