अनूपपुर (संवाद)। कोरोना काल के दौरान वर्ष 2019 से 2022 के बीच स्वास्थ्य विभाग अनूपपुर में दवा और उपकरण खरीदने के नाम से बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया था। जिसमें करोड़ों रुपए की आर्थिक अनियमितता का मामला सामने आया था। जिसकी शिकायत आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो भोपाल में की गई थी। प्रारंभिक जांच में ही यह स्पष्ट हो चुका था की स्वास्थ्य विभाग की समिति के द्वारा टेंडर प्रक्रिया को सही ढंग से नहीं अपनाया गया और भारी अनियमितता कर आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है।
MP: ADM और CHMO सहित 13 के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज,दवा और उपकरण खरीदी मामले में की गई थी बड़ी हेराफेरी

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MP: ADM और CHMO सहित 13 के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज,दवा और उपकरण खरीदी मामले में की गई थी बड़ी हेराफेरीMP: ADM और CHMO सहित 13 के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज,दवा और उपकरण खरीदी मामले में की गई थी बड़ी हेराफेरीMP: ADM और CHMO सहित 13 के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज,दवा और उपकरण खरीदी मामले में की गई थी बड़ी हेराफेरीMP: ADM और CHMO सहित 13 के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज,दवा और उपकरण खरीदी मामले में की गई थी बड़ी हेराफेरीMP: ADM और CHMO सहित 13 के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज,दवा और उपकरण खरीदी मामले में की गई थी बड़ी हेराफेरीMP: ADM और CHMO सहित 13 के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज,दवा और उपकरण खरीदी मामले में की गई थी बड़ी हेराफेरी
इस मामले की जांच उपरांत आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो EOW के द्वारा 4 साल बाद मामले में अपर कलेक्टर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सिविल सर्जन सहित 13 लोगों को धोखाधड़ी के मामले में आरोपी बनाया है। इसके बाद उन पर अपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। इस खरीदी में हुई गड़बड़ी की जांच 4 साल बाद पूरी हुई है। जिसमें साफ तौर पर खरीदी के नाम करोड़ों रुपए की राशि का बंदरबाँट किया गया है।
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मिली जानकारी के मुताबिक साल 2019 नवंबर दिसंबर में जिला स्वास्थ्य विभाग अनूपपुर द्वारा चिकित्सा उपकरण और दवा खरीदी हेतु बनाई गई क्रय समिति जिसके अध्यक्ष तत्कालीन एसडीएम बीडी सिंह, डॉक्टर बीडी सोनवानी के द्वारा उपकरण और दवा खरीदने के लिए टेंडर बुलाया गया जिसमें कुल 5 फर्मों के द्वारा टेंडर डाला गया लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा अपने चहेते 1 व्यक्ति का टेंडर खोलकर उसे सप्लाई का ऑर्डर दे दिया गया जबकि अन्य चार टेंडर को नहीं खोला गया। 7 करोड़ के स्टैंडर्ड में 5 करोड रुपए का भुगतान भी कर दिया गया था। मामले में गड़बड़ी की सुगबुगाहट शुरू से ही हो चुकी थी। इसके बाद 2020 दिसंबर में इसकी शिकायत आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो EOW भोपाल में की गई।
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प्रारंभिक जांच के बाद मार्च के महीने 2021 में रीवा में स्थित आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो कार्यालय में जीरो में मामला दर्ज किया गया इसके बाद रीवा की ईओडब्ल्यू टीम ने इस पूरे गड़बड़ी की जांच शुरू की। जांच टीम की 10 सदस्य दल ने अनूपपुर जिले में आकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में कई दस्तावेज भी खंगाले गए। इस दौरान खरीदी से जुड़े दस्तावेज और फाइलों को ईओडब्ल्यू की टीम ने जप्त भी किए थे इसके अलावा तत्कालीन सीएचएमओ बीडी सोनवानी से पूछताछ भी की गई थी।
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ईओडब्ल्यू टीम रीवा के द्वारा जांच पूरी कर प्रतिवेदन भोपाल ऑफिस को भेजा गया इसके बाद आई ओ ऊ भोपाल ने जांच टीम के प्रतिवेदन के आधार पर 27 मार्च 2024 को पूरे प्रकरण में शामिल 13 लोगों को आरोपी बनाया है। हालांकि आरोपों में नाम शामिल एसडीएम बीडी सिंह की मृत्यु हो चुकी है लेकिन आरोपी में उनका भी नाम शामिल है। इसके अलावा तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बीडी सोनवानी भी लगभग 2 साल पहले रिटायरमेंट हो चुके हैं।
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पूरे प्रकरण में कुल 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है जिसमें स्वर्गीय बीडी सिंह तत्कालीन एसडीएम, सीएचएमओ बीडी सोनवानी, सिविल सर्जन डॉक्टर एसआर परस्ते, स्टोर कीपर राम लखन पटेल, लेखपाल महेश दीक्षित, बीएमओ जैतहरी डॉ वीपी सिंह, डॉ डीके कोरी, मेडिकल ऑफिसर डॉ मोहन सिंह, धर्म की डायरेक्टर सुनैना तिवारी भोपाल,डायरेक्टर जितेंद्र तिवारी,अनुजा तिवारी, शैलेंद्र तिवारी और महेश बाबू शर्मा भोपाल शामिल हैं।
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