उमरिया (संवाद)। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के संगठन के चुनाव कराई जा रहे हैं जिसमें मंडल अध्यक्ष जिला अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष की नई नियुक्ति की जानी है। बीते दिनों मध्य प्रदेश के सभी मंडलों के मंडल अध्यक्ष की घोषणा की जा चुकी है, अब जिला अध्यक्षों नियुक्ति की जानी है। संगठन के द्वारा इसके लिए तमाम प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, बस घोषणा होना शेष रह गया है। लेकिन इस दौरान कुछ लोगों के द्वारा एक घटिया करामात भी देखने को मिली है।
बीते एक-दो दिन से व्हाट्सएप ग्रुपों में दावेदारों के ऊपर अनर्गल और तथ्यहीन बातें लिखकर उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से वायरल की जा रही है। हालांकि इस सब के पीछे असली चेहरा किसका है यह तो अभी नहीं पता, लेकिन उनके कुछ मोहरों के द्वारा इसे वाट्सअप ग्रुप में वायरल किया जा रहा है। जिसने भी यह पोस्ट पढ़ा है वह सभी इसे ओछी मानसिकता का परिचायक बताया है। जबकि लगाए गए आरोपो को तथ्य के साथ रखा जाता तो बात कुछ और होती.?
वायरल पोस्ट में कुछ चिन्हित लोगों के बारे में लिखा गया है। जिसमें बीजेपी के जिला अध्यक्ष दिलीप पांडे, मनीष सिंह, मानसिंह और दीपक छतवानी का नाम शामिल है। मान सिंह के बारे में जिस कदर से अनर्गल और तथ्यहीन बातें लिखी गई है इससे साफ जाहिर होता है कि यह घटिया करामात उनके किसी प्रतिस्पर्धी या उनसे नाखुश लोगों की हरकत हो सकती है। जिसमें उनके खिलाफ सिमी कार्यकर्ता और नक्सली संगठन एकता परिषद जैसे लोगों से संबंध होने सहित अन्य बाते लिखी गई है, जो बिल्कुल बेबुनियाद और तथ्यहीन प्रतीत होती है।
इसके पीछे एक यह बात तो मुख्यतौर पर समझ आती है कि भाजपा जिला अध्यक्षों की घोषणा होना बाकी है जिसमें मान सिंह का नाम सबसे आगे होने की बात कही जा रही है। संभवतः इस वजह से मानसिंह के प्रतिस्पर्धी दावेदार और नाखुश लोग इतनी निम्न प्रकार की हरकत की होगी.? जिसमें उनके खिलाफ अनर्गल और तथ्यहीन आरोप लगाकर व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से वायरल कर बदनाम करने की कोशिश में लगे हैं। हालांकि इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं या किस वजह से ऐसे अनर्गल आरोप लगाए हैं इस बात की स्पष्ट जानकारी नहीं हो सकी है।