उमरिया (संवाद)। शहर की जीवन दायिनी उमरार नदी के पुनर्जीवन और उसकी धारा को अविरल करने के उद्देश्य से जिले के कलेक्टर डॉ केडी त्रिपाठी के द्वारा नदी सफाई अभियान का बीड़ा उठाया गया है।बीते एक पखवाडे से नदी सफाई का अभियान जिस गति प्रारम्भ हुआ और लगातार चल रहा है। निश्चित रूप कलेक्टर का प्रयास उन सभी बातों पर विराम लगा दिया है जिसकी चर्चा नदी सफाई अभियान के साथ शुरू हुई थी।लेकिन यहां प्रमुख बात यह कि इस अभियान में अब नगरपालिका के बैकफ़ुट में जाने की बात सामने आई है।
दरअसल बीते कई वर्षों से उमरार नदी की सफाई की जाती रही है। कई कलेक्टरों ने इसके लिए अभियान चलाया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उमरार की सफाई अभियान में हिस्सा ले चुके है।लेकिन हर बार नदी सफाई के नाम पर फ़ोटो शेसन ही होता रहा है। इसी के साथ नदी सफाई के नाम लाखो रुपये के बंदरबांट की भी खबरे सामने आती रही है। कलेक्टर डॉ केडी त्रिपाठी के द्वारा जैसे ही नदी की सफाई अभियान प्रारम्भ किया गया वैसे ही लोंगो की धारणा पूर्व में चले अभियान की तरह बन गई।

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उमरिया (संवाद)। शहर की जीवन दायिनी उमरार नदी के पुनर्जीवन और उसकी धारा को अविरल करने के उद्देश्य से जिले के कलेक्टर डॉ केडी त्रिपाठी के द्वारा नदी सफाई अभियान का बीड़ा उठाया गया है।बीते एक पखवाडे से नदी सफाई का अभियान जिस गति प्रारम्भ हुआ और लगातार चल रहा है। निश्चित रूप कलेक्टर का प्रयास उन सभी बातों पर विराम लगा दिया है जिसकी चर्चा नदी सफाई अभियान के साथ शुरू हुई थी।लेकिन यहां प्रमुख बात यह कि इस अभियान में अब नगरपालिका के बैकफ़ुट में जाने की बात सामने आई है।दरअसल बीते कई वर्षों से उमरार नदी की सफाई की जाती रही है। कई कलेक्टरों ने इसके लिए अभियान चलाया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उमरार की सफाई अभियान में हिस्सा ले चुके है।लेकिन हर बार नदी सफाई के नाम पर फ़ोटो शेसन ही होता रहा है। इसी के साथ नदी सफाई के नाम लाखो रुपये के बंदरबांट की भी खबरे सामने आती रही है। कलेक्टर डॉ केडी त्रिपाठी के द्वारा जैसे ही नदी की सफाई अभियान प्रारम्भ किया गया वैसे ही लोंगो की धारणा पूर्व में चले अभियान की तरह बन गई।लेकिन इन सब बातों से अलग एक बात चर्चा में आई है जिसमे नगरपालिका की सीएमओ श्रीमती ज्योति सिंह ने इस अभियान से पीछे जाती दिखाई दे रही है।हालांकि इसके पीछे के कारण जो भी हो,लेकिन लगभग 1 पखवाड़े से चले सफाई अभियान में नगरपालिका ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया है।हालांकि नगरपालिका की सीएमओ ने सीधे इस संबंध में कलेक्टर से बात की है।सूत्रों से जानकारी यह भी मिल रही है कि सीएमओ के द्वारा कलेक्टर से नदी सफाई के दौरान यह कहते हुए सुना गया है अब वह और उनका अमला नदी सफाई अभियान में शामिल नही हो पायेगा, इसके अलावा नदी सफाई में लगी मशीनों और ट्रेक्टरों को डीजल भी मुहैया नही करा सकेगा।हालांकि उनकी इस बात के मायने जो कुछ भी हो, इसके अलावा भी जिले में कई विभाग है जिनसे इस अभियान के लिए मदद ली जा सकती है। वैसे भी नगरपालिका के द्वारा नदी सफाई के प्रारंभ से अब तक सभी दायित्यों में भरपूर सहयोग किया गया है। सीएमओ के द्वारा स्पॉट पर सबके सामने कलेक्टर से कही हुई बात पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई है। जिससे लोंगो ने अपनी सोच समझ से प्रतिक्रिया भी दे रहे है।