टीपी और दस्तावेजों पर भी उठे सवाल, 20 टन की अनुमति के मुकाबले करीब 40-40 टन कोयला लदे होने की सूचना
सतेंद्र सिंह,उमरिया। जिले में कथित अवैध कोयला परिवहन के खिलाफ मानपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोयले से लदे दो ट्रकों को जब्त किया है। थाना प्रभारी बृज किशोर गर्ग के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के बाद कोयला परिवहन से जुड़े दस्तावेजों और ट्रकों में लदे कोयले की मात्रा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार मानपुर पुलिस ने RJ 19-GG-0414 और RJ 19-GK-0416 नंबर के दो ट्रकों को पकड़ा। बताया जा रहा है कि दोनों ट्रक ब्यौहारी क्षेत्र की ओर से मानपुर होते हुए राजस्थान की तरफ जा रहे थे। जांच के दौरान ट्रकों में निर्धारित मात्रा से कहीं अधिक कोयला लदा होने की बात सामने आई है।
20 टन की टीपी, ट्रकों में करीब 40-40 टन कोयला!
सूत्रों के मुताबिक संबंधित टीपी में प्रत्येक ट्रक के लिए करीब 20 टन कोयला दर्ज बताया गया, जबकि मौके पर ट्रकों में लगभग 40-40 टन कोयला लदा होने की जानकारी सामने आई है। जो एक गंभीर मामला माना जा रहा है। इसके साथ ही ट्रकों से मिले टीपी और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। सूत्रों का दावा है कि कुछ दस्तावेज संदिग्ध हो सकते हैं और उनकी वैधता की पुष्टि संबंधित विभागों से कराई जानी चाहिए।
लंबे समय से चल रहा है अवैध परिवहन का खेल?
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि इस रूट से लंबे समय से कोयले के परिवहन का सिलसिला जारी है। आरोप हैं कि कुछ वाहनों में बिना वैध टीपी और गेट पास के कोयला परिवहन किया जाता है, जबकि कुछ वाहनों में दस्तावेज मौजूद होने के बावजूद उनकी सत्यता पर सवाल उठते रहे हैं।
पुलिस द्वारा जब्त किए गए दोनों ट्रकों के दस्तावेज, कोयले की मात्रा और उसके स्रोत की जांच इस मामले में अहम मानी जा रही है।
पुलिस कार्रवाई से मचा हड़कंप
मानपुर पुलिस की इस कार्रवाई से कथित कोयला परिवहन से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब्त कोयला वास्तव में कहां से आया, उसका वास्तविक स्वामित्व किसका है और ट्रकों में दर्ज मात्रा से करीब दोगुना कोयला कैसे पहुंचा? यदि दस्तावेजों की जांच में फर्जीवाड़ा या अवैध परिवहन की पुष्टि होती है, तो संबंधित वाहन मालिकों, परिवहनकर्ताओं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जरूरत होगी।
फिलहाल मानपुर पुलिस द्वारा दोनों ट्रकों को जब्त कर मामले की जांच की जा रही है। दस्तावेजों की जांच और कोयले के वास्तविक स्रोत का खुलासा होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।