बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की अनोखी पहल ने दिया पर्यावरण संरक्षण और भाई-बहन के रिश्ते का संदेश
उमरिया। बाघ दर्शन के लिए विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इस बार रक्षाबंधन का पर्व पर्यावरण संरक्षण के अनूठे संदेश के साथ मनाया गया। वन विभाग की महिला वनरक्षकों ने जंगल में पेड़ों को अपना भाई मानते हुए उनकी कलाई पर राखी बांधी और आरती उतारकर उनके संरक्षण एवं सुरक्षा का संकल्प लिया। इस अनोखी पहल के माध्यम से वन विभाग ने प्रकृति, वन्यजीव और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का संदेश समाज तक पहुंचाया।
रक्षाबंधन के अवसर पर महिला वनरक्षकों ने जंगल में पहुंचकर चयनित पेड़ों को पारंपरिक रूप से भाई का स्वरूप मानते हुए उनकी पूजा-अर्चना की। इसके बाद पेड़ों को राखी बांधी गई और आरती उतारकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया गया। महिला वनरक्षकों ने कहा कि जिस प्रकार भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है, उसी प्रकार मनुष्य का भी कर्तव्य है कि वह प्रकृति और जंगलों की रक्षा करे।
पेड़ हैं जंगल और वन्यजीवों का आधार
बांधवगढ़ का जंगल जैव विविधता से समृद्ध है और यहां बाघ सहित अनेक वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। जंगल का संरक्षण केवल वन क्षेत्र को सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां मौजूद पेड़-पौधों, जलस्रोतों और समूचे पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। पेड़ों को राखी बांधकर महिला वनरक्षकों ने इसी भाव को प्रतीकात्मक रूप से सामने रखा।इस दौरान वनरक्षकों ने कहा कि जंगल सुरक्षित रहेगा तो वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे और पर्यावरण का संतुलन भी बना रहेगा। पेड़ वन्यजीवों के लिए आश्रय, भोजन और प्राकृतिक आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यावरण को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भावनात्मक रिश्ते से जोड़ा प्रकृति संरक्षण
इस पहल की खास बात यह रही कि पर्यावरण संरक्षण को केवल जिम्मेदारी या कर्तव्य के रूप में नहीं, बल्कि भावनात्मक रिश्ते के रूप में प्रस्तुत किया गया। महिला वनरक्षकों ने पेड़ों को भाई मानकर राखी बांधते हुए यह संदेश दिया कि प्रकृति के साथ हमारा रिश्ता केवल उपयोग का नहीं, बल्कि संरक्षण और संवेदना का भी होना चाहिए। राखी बांधने के दौरान महिला वनरक्षकों ने जंगल और पेड़ों को नुकसान से बचाने, अवैध कटाई एवं अन्य गतिविधियों पर नजर रखने तथा वन क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा के प्रति अपने दायित्व को दोहराया।
वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व देश-दुनिया में बाघों के लिए जाना जाता है। यहां वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ वन क्षेत्र और जैव विविधता की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित यह पहल इसी व्यापक संरक्षण भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास रही।महिला वनरक्षकों की इस पहल ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल परंपराओं और उत्सव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से समाज को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक भी किया जा सकता है। पेड़ों को राखी बांधकर वनरक्षकों ने प्रकृति को परिवार का हिस्सा मानने और उसकी रक्षा करने का भाव प्रदर्शित किया।
बांधवगढ़ के जंगल में रक्षाबंधन के इस अनूठे आयोजन ने वन विभाग की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। महिला वनरक्षकों का यह प्रयास लोगों को प्रेरणा देने वाला है कि वे भी अपने आसपास के पेड़-पौधों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें।