धौरखोह हनुमान मंदिर की समस्याओं के निराकरण की मांग,स्थानीयजनो ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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उमरिया। जिले के चंदिया तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बांका स्थित ग्राम धौरखोह हनुमान मंदिर की विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर लोंगो ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मंदिर एवं आसपास की भूमि को लेकर वन विभाग और राजस्व विभाग के बीच उत्पन्न स्थिति का शीघ्र समाधान कराने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि धौरखोह स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रत्येक वर्ष आषाढ़ माह के प्रत्येक मंगलवार को विशाल मेले का आयोजन होता है। मंदिर हजारों वर्ष पुराना है तथा यहां स्वयं प्रकट हनुमान जी की लेटी हुई प्रतिमा विराजमान है।

ज्ञापन में बताया गया कि विगत कुछ वर्षों से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा मंदिर में अनाधिकृत कब्जे तथा जीर्णोद्धार एवं नवनिर्माण कार्यों को लेकर रोक लगाए जाने और कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने से लोंगो में असंतोष है। वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विवादित रवैये से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि आपसी समन्वय से समस्या का समाधान नहीं होने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। पूर्व में कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के आदेश से राजस्व एवं वन विभाग का संयुक्त दल गठित कर स्थल का सीमांकन किया गया था।

ग्रामीणों के अनुसार सीमांकन के दौरान मंदिर वन विभाग की सीमा से बाहर पाया गया। लेकिन वन विभाग द्वारा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण राजस्व विभाग को स्थिति स्पष्ट करने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर राजस्व एवं वन विभाग की उच्चस्तरीय संयुक्त समिति गठित की जाए और मंदिर से जुड़ी समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि यदि एक माह के भीतर समस्या का उचित समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी। ज्ञाप

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