उमरिया। मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा आम जनता और जरूरतमंदो की समस्याओं और शिकायतों को सुनने और उसका शत प्रतिशत निराकरण करने के लिए सरकार ने सीएम हेल्पलाइन जैसी सुविधा आम जनता और जरूरतमंदों को प्रदान कर रखी है। लेकिन जब कोई इसका पूर्णरूप से दुरुपयोग कर भ्रामक, झूठी और मनगढ़ंत शिकायत कर न सिर्फ सीएम हेल्पलाइन का दुरुपयोग कर रहा है बल्कि उसकी भ्रामक, मनगढ़ंत शिकायतों की जांच में लगे अधिकारी कर्मचारियों का भी समय बर्बाद हो रहा है, जिससे उनका मूल काम प्रभावित हो रहा है। जबकि सरकार या जिला प्रशासन को ऐसे लोगों को चिन्हित कर झूठी भ्रामक और मनगढ़ंत शिकायत कर ब्लैकमेलिंग का जरिया बना चुके लोगों को ब्लैक लिस्ट करने की आवश्यकता है।
ताजा मामला उमरिया जिले के सामने है जहां प्रतिष्ठित व्यावसायिक आहूजा परिवार के खिलाफ विकास सचदेव नामक व्यक्ति के द्वारा सन 2023 से लगातार भ्रामक और मनगढ़ंत शिकायतें कर परिवार को परेशान और ब्लैकमेल कर रहा है। जबकि इसके पूर्व विकास सचदेव के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मामला चल रहा है और वह जमानत में है। इसके बावजूद भी उसके द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही है जिससे न सिर्फ पीड़ित आहूजा परिवार परेशान है बल्कि तमाम अधिकारी भी परेशान होने के साथ-साथ उनका कार्यालयीन समय भी बर्बाद हो रहा है।
आहूजा परिवार के विनोद आहूजा ने बताया कि उनके ऊपर लगाए गए तमाम आरोपो की जांच हो चुकी है और उन्हें क्लीन चिट भी मिल चुकी है। एसडीम, कलेक्टर से लेकर कमिश्नर और ईओडब्लू के द्वारा परिवार को क्लीन चिट दी गई है। लेकिन विकास सचदेव के द्वारा लगातार भ्रामक और मनगढ़ंत शिकायत कर परेशान और ब्लैकमेल करने का काम लगातार किया जा रहा है। बताया गया कि विकास सचदेव के द्वारा मामले में लगभग 150 सीएम हेल्पलाइन और लगभग 100 से ज्यादा शिकायतें तमाम अधिकारियों से कर चुके हैं। हर बार शिकायतों में जहां परिवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वही सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने से संबंधित अधिकारी भी खासा परेशान हो रहे हैं और उनका शासकीय कार्यालीन का समय भी बर्बाद हो रहा है।
कुछ शासकीय कर्मचारियो का मानना है कि इस तरह से सीएम हेल्पलाइन में 100 से ज्यादा एक ही परिवार और लगभग एक ही मामले पर शिकायत करना कहीं ना कहीं ब्लैकमेलिंग की श्रेणी में आता है। वही बार-बार शिकायत करने से यह प्रतीत होता है कि शिकायतकर्ता आदतन और टारगेटेड शिकायत कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इन मामलों में कई बार जांच हो चुकी है जिसमें पीड़ित आहूजा परिवार निर्दोष पाया गया है। इसके बाद भी शिकायतकर्ता विकास सचदेव के द्वारा लगातार शिकायत करना पूरी तरीके से ब्लैकमेलिंग की मंशा को स्पष्ट करता है।
पीड़ित परिवार के विनोद आहूजा ने बताया कि मामले की कई बार जांच होने और उसमें उन्हें हर बार क्लीन चिट दिए जाने के बाद भी लगातार झूठी शिकायतों से परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि आखिर मामले की कितनी बार जांच की जाएगी। उन्होंने उनके परिवार के खिलाफ झूठी, भ्रामक और मनगढ़ंत शिकायत और ब्लैकमेलिंग कर रुपए मांगने वाले शिकायतकर्ता विकास सचदेव के द्वारा की गई तमाम सीएम हेल्पलाइन सहित अन्य शिकायतों से ब्लैक लिस्ट करने मध्य प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है।