उमरिया (संवाद)। मध्यप्रदेश में अब प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सभाओं के दौरान हादसे होना आम बात हो गई है। कारण जो भी हो लेकिन 24 मई को उमरिया जिले में लाडली बहना सम्मेलन कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के दौरान जिला प्रशासन की बड़ी चूक सामने आई है। जिसमें यह कि जिला प्रशासन के द्वारा कार्यक्रम में भीड़ बढ़ाने के लिए जिन बसों का उपयोग किया गया है उनमें ज्यादातर कंडम या अनफिट बसों को इस्तेमाल किया गया जिससे यह हादसा होना प्रतीत होता है।
जिले के ग्राम पंचायत भरौला में 24 मई बुधवार को आयोजित लाडली बहना सम्मेलन कार्यक्रम में हजारों की तादाद में भीड़ जुटाने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा सैकड़ों बसें लगाकर ग्रामीण क्षेत्रों के दूरदराज इलाकों से जबरन भीड़ इकट्ठी की गई और उन्हें लाने के लिए बसों का इंतजाम किया गया। लेकिन बीते कुछ समय से सीएम शिवराज की सभाएं खूनी हो चली है। उनकी सभाओं में आने या जाने के समय कोई न कोई अनहोनी होती है। जिससे भोले भाले ग्रामीण हादसे का शिकार हो जाते हैं।
लोंगो ने आरोप लगाया है कि सीएम शिवराज के कार्यक्रम में जिला प्रशासन के द्वारा भीड़ इकट्ठी की गई और उनके आवागमन के लिए सैकड़ों की संख्या में बसों का इंतजाम किया गया। इस दौरान जिला प्रशासन बसों की हालत और उनकी अनफिट होने की बात को दरकिनार कर दिया और यही वजह रही कि पाली जनपद के ग्राम भौतरा से सीएम शिवराज के कार्यक्रम में शामिल होने लाई जा रही भीड़ वाली बस हादसे का शिकार हो गई। जिसमें 4 लोगों की मौत और दो दर्जन से ज्यादा लोग गंभीर हो गए।
घटनास्थल के आस-पास मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और जानने सुनने वाले लोगों ने बताया कि बस तेज रफ्तार से शहडोल की तरफ से कटनी की ओर जा रही थी। इस दौरान बस जैसे ही घंघरी नाका स्थित ओवर ब्रिज से गुजर रही थी तभी बस का टायर फट गया और बस पलट गई। इस दौरान वहां से गुजर रहे मोटरसाइकिल सवारों के ऊपर बस जा गिरी। जिसमें मोटरसाइकिल सवार 3 लोगों की बस में दबकर मौत हो गई।वहीं बस के पलटने से बस में सवार एक रोजगार सहायक की भी मौत होने की जानकारी मिली है।
जानकारी के मुताबिक इसके लगभग 2 महीने पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान का सतना जिले में कार्यक्रम रहा है इस दौरान सीधी जिले से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचे लोग बस के माध्यम से लौटते समय हादसे का शिकार हो गए थे। जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए थे। इसके अलावा अन्य कई जगह भी इस तरीके की घटनाएं सामने आई है। लोगों का मानना है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान का कार्यक्रम अब खूनी बलि लेने लगा है।
हालांकि लोगों की इस बात से पंचायती संवाद इत्तेफाक नहीं रखता। क्योंकि यह सब अनहोनी का खेल है और लोगों की असमय में हो रही मौत की वजह होनी के हिसाब से सब कुछ तय है। यह दुर्घटना महज इत्तेफाक हैं इससे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से या उनके कार्यक्रम से जोड़ना कतई उचित नहीं माना जा सकता।