बांधवगढ़ (संवाद) बाघों के गढ़ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बाघ शावक की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है।जिसमे एक शावक की क्षत विक्षत हालात में शव पाया गया है। जानकारी के बाद पार्क अमला मौके पर पहुंचकर जांच में जुटा है। प्रबंधन ने डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाकर जानकारी जुटाने में जुटा है।
बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र के बिरुहली बीट के कक्ष क्रमांक क्रमांक 406 जुट्टा तालाब के पास सांदिग्ध परिस्थिति में शावक का शव मिला है ।नर बाघ शावक की उम्र लगभग तीन माह बताई गई। जानकारी लगते ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंचे और जांच में जुट गये है।मौके पर डॉग स्क्वायड बुलाया गया और पूरे क्षेत्र की सर्चिंग करवाई गई है।
बता दे कि इसी क्षेत्र में बीते 10 दिन पहले एक ग्रामीण को बाघ ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। ग्रामीणों ने बाघ के हमले के बाद प्रबंधन के ऊपर भारी नाराजगी जाहिर की थी।इस दौरान सैकड़ो की तादात में गुस्साए लोग प्रबंधन की कार्यशीली पर सवाल खड़े किए थे। जिसके बाद प्रबंधन के द्वारा कई दिनों तक बाघ की हाथियों और वन अमला के द्वारा निगरानी कर बाघ का रेस्क्यू किया गया था और उसे गांव क्षेत्र से पकड़कर बहेरहा स्थित बाड़े में शिप्ट किया गया है।
हालांकि शावक की मौत की वजह प्रबंधन के द्वारा किसी दूसरे बाघ के हमले से शावक की मौत होना बताया जा रहा है।लेकिन सूत्रों के मुताबिक किसी अन्य वजह से शावक की मौत होने की ओर इशारा कर रहे है। जिसमे शिकार होना भी एक बड़ी वजह बताई गई है। गौरतलब है कि बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में बाघ का शिकार होना कोई नई बात नही है।यहां पूरे इलाके में शिकारी सक्रिय है। जो मौका मिलते ही बाघ सहित किसी भी जंगली जानवरो का शिकार आसानी से कर लेते है।हालांकि प्रबंधन कई बार शिकारियों को पकड़कर कार्यवाही भी कर चुके है और उनके पास से बाघ के अंग सहित अन्य जानवरों के अंग भी बरामद कर चुका है।
पनपथा बफर परिक्षेत्र के परिक्षेत्र अधिकारी एस एस श्रीवास्तव ने बताया कि शावक का शव मिला।शावक की उम्र लगभग तीन माह है दूसरे बाघ से हमले से मौत हुई है।वही शावक की मौत शिकार से भी होने का अंदेशा जताया गया है।