उमरिया (संवाद)। नाबालिग बेटी से कलयुगी पिता के द्वारा बलात्कार किए जाने के मामले की जानकारी देते हुए मीडिया प्रभारी (अभियोजन) एडीपीओ नीरज पाण्डेय के द्वारा बताया गया कि दिनांक 31 मार्च 2021 को रेल्वे स्टेशन इन्दौर प्लेटफार्म नंबर 4 पर पीडित बालिका असुरक्षित अवस्था में प्राप्त हुई थी । रेल्वे स्टेशन इंदौर में ललिता पटेल रेल्वे चाईल्ड में टीम सदस्य के रूप में तैनात थी। सी.डब्ल्यू.सी. उज्जैन के आदेशानुसार पीडिता को मेडिकल उपरान्त राजकीय बाल आश्रम छावनी में रखा गया।
पीडि़ता को रेलवे स्टेशन लाकर उसकी काउंसलिंग किये जाने पर पीडिता ने बताया कि होली के दिन की रात्रि के समय जब पीडिता की मां और दोनो भाई नानी के घर गये थे। तब घर पर वह अकेली टी.व्ही. देख रही थी। उसी समय उसके पिता घर के अन्दर आकर बोले कि टी. व्ही. बन्द करके सो जाओ, तब पीडिता टी. व्ही. बंद कर सोने चली गई। कुछ देर बाद उसके पिता उसके पास आकर लाईट बन्द कर उसका हाथ पकड कर गलत हरकत करने लगा और जबरन बलात्कार कर दिया। तब उसने अपने बचाव में अपने पिता के गाल में काट भी दिया था। बलात्कार करने के बाद उसके पिता वहां से बाहर चले गये। जिसके बाद लगातार उसके पिता ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया है। पीडिता के द्वारा यह घटना अपनी मां को बताने पर मां के द्वारा नजर अंदाज कर दिया गया। पीडिता की शिकायत पर जी आर पी थाना इंदौर में अभियुक्त के विरूद्ध धारा 376 (2) च भादंसं 3/4 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया गया एवं श्रेत्राधिकार पाली थाना जिला उमरिया का होने के कारण मामला पाली थाना अंतरित किया गया। पीडिता द्वारा यह भी बताया गया था कि उसका आरोपी पिता उसके छोटे भाईयों के साथ मारपीट करता था, इस कारण पीडिता अपने दोनो छोटे भाइयों को लेकर इंदौर चली आई थी।
न्यायालय में पीडिता एवं उसकी मां ने आरोपी पिता द्वारा किसी भी प्रकार का बलात्कार किये जाने की घटना से इंकार किया और पीडिता के द्वारा बताया गया कि उसके आरोपी पिता द्वारा उसके साथ किसी भी प्रकार का गलत शारिरिक संबंध नही बनाया गया है। प्रकरण में अभियोजन द्वारा पीडिता का चिकित्सकीय परीक्षण कराये जाने के पश्चात् डीएनए जांच करवायी गयी जिसमें पीडिता के साथ अभियुक्त पिता द्वारा किये गये शारीरिक संबंध की पुष्टि हुई। अभियोजन द्वारा डीएनए जांच एवं पुलिस विवेचना के आधार पर ही अभियुक्त को दोषसिद्ध करवाया गया।
राज्य की ओर से मामले में जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती अर्चनारानी मरावी एवं सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री बी0 के0 वर्मा द्वारा सशक्त पैरवी की गयी एवं आरोपी को कठोर से कठोर दण्ड देने का निवेदन किया गया ।उक्त प्रकरण में विशेष न्यायाधीश श्री विवेक सिंह रघुवंशी के न्यायालय द्वारा आरोपी पुरूषोत्तम उर्फ लल्लू पनिका को भा0दं0सं0 की धारा 376 (2)(एफ), (ढ) के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं कुल 1000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन पहुंचकर नवरात्रि पर्व के दौरान आयोजित विभिन्न गरबा कार्यक्रमों में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दशहरा मैदान, डालडा फैक्ट्री, सामाजिक न्याय परिसर, - 19/10/2026