उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम तेज़ी से चल रहा है। इसी परियोजना की जद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुश्तैनी मकान भी आ गया। रविवार को मुख्यमंत्री अपने पैतृक घर पहुंचे, पूजा-अर्चना की और फिर खुद गैंती चलाकर घर का हिस्सा तोड़ते हुए विकास कार्य की शुरुआत की।
बचपन की यादों ने कर दिया भावुक
अपने पैतृक घर के सामने मुख्यमंत्री का गला रुंध गया। उन्होंने कहा कि “जिस घर में जन्म लिया, बड़े हुए, खेले-कूदे और पिता की मेहनत से बना वह मकान टूटे तो मन का भावुक होना स्वाभाविक है। लेकिन यदि सिंहस्थ और जनहित के लिए इसकी आवश्यकता है, तो यह बलिदान खुशी-खुशी स्वीकार है।”
272 मकानों को मिला नोटिस
अब्दालपुरा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रशासन ने मुख्यमंत्री और उनकी बहन के घर सहित करीब 272 मकानों को नोटिस जारी किया है। स्थानीय लोग भी स्वेच्छा से अपने मकान पीछे हटाकर इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
जनता के सहयोग की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का महापर्व है। उन्होंने उज्जैन के नागरिकों की सराहना करते हुए कहा कि सभी समुदायों के लोगों ने बिना भेदभाव विकास कार्य में सहयोग दिया है, जो जनता और सरकार के बीच विश्वास का प्रतीक है।