Anuppur News कांग्रेस पार्टी का आदिवासी सीट पर था भारी दबाव, 10 वर्षो से करना पड़ा बीजेपी को हर का सामना जानिए खबर। जी मीडिया के खबरों के अनुसार बता दिया जाये की अनूपपुर जिले के कोतमा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का भारी दबाव रहा है। लेकिन बता दे बीते 10 साल से यहां कांग्रेस के विधायक हैं। और 1957 से 2018 तक यहां 9 बार कांग्रेस के विधायक निर्वाचित हुए हैं। लेकिन तीन बार भाजपा प्रत्याशियों से जीत दर्ज की है। जानिए गए की तजा खबर।
साथ ही बता दे कोतमा विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 1957 में कांग्रेस पार्टी के हरिराज कुंवर, वर्ष 1962 में कांग्रेस की गिरिजा कुमारी, वर्ष 1967 में कांग्रेस के केएम सिंह, वर्ष 1977 में जनता पार्टी के बाबूलाल सिंह, वर्ष 1980 में कांग्रेस के भगवानदीन, वर्ष 1985 में फिर से कांग्रेस के भगवानदीन, 1990 में जनता पार्टी के छोटेलाल भारतीय, 1993 में कांग्रेस की राजेश नंदिनी सिंह, 1998 में भाजपा के जय सिंह मरावी, 2003 में पुन: भाजपा के जय सिंह मरावी, 2008 में भाजपा के दिलीप कुमार जायसवाल, 2013 में कांग्रेस के मनोज कुमार अग्रवाल तथा 2018 में कांग्रेस के ही सुनील कुमार सराफ निर्वाचित हुए।
Anuppur News: कांग्रेस पार्टी का आदिवासी सीट पर था भारी दबाव, 10 वर्षो से करना पड़ा बीजेपी को हर का सामना जानिए खबर

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दो बार जनता पार्टी के प्रत्याशी हुए चुनाव सबंधित
लेकिन खबरों के अनुसार कोतमा विधानसभा क्षेत्र में आज तक सर्वाधिक कांग्रेस पार्टी के ही विधायक सदस्य हुए हैं। और वर्ष 1957 से 2018 तक 9 बार यहां की जनता ने कांग्रेस प्रत्याशियों को जीत दिलाई। लेकिन तीन बार भाजपा के विधायक भी यहां से निर्वाचित हुए हैं। और दो बार जनता पार्टी के विधायक भी कोतमा विधानसभा सीट से हुए हैं। और शहडोल लोकसभा क्षेत्र से सांसद रही स्व. राजेश नंदिनी सिंह भी यहां से विधायक रह चुकी है।

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वर्ष 2008 से अनारक्षित सीट
अब बता दे की साल वर्ष 2008 में निर्वाचन आयोग द्वारा कोतमा विधानसभा क्षेत्र को अनारक्षित सीट घोषित किया गया। इसके बाद से लगातार तीन बार यहां विधानसभा निर्वाचन हुए लेकिन भाजपा ने सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के स्थान पर ओबीसी उम्मीदवारों पर भरोसा दिलवाया।

10 वर्षो से करना पड़ा बीजेपी को हर का सामना
और जानकारी के मुताबिक और कोतमा विधानसभा क्षेत्र में संगठन की दृष्टि से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता बूथ हैं इसके बावजूद लगातार 10 वर्ष से यहां भाजपा को हार का सामना करना पड़ रहा है। और इस बार यहां भाजपा ने पूर्व विधायक दिलीप जायसवाल को प्रत्याशी बनाया है। दिलीप जायसवाल 2008 में विधायक निर्वाचित हुए थे लेकिन बता दे आपको तथा 2018 में पुन: पार्टी ने इन्हें प्रत्याशी बनाया था इन्हें कांग्रेस के सुनील सराफ ने 11429 मतों से हराया था।
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