नाबालिक से दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास

Editor in cheif
4 Min Read
उमरिया (संवाद)। जिले में एक नाबालिक युवती से जबरन और उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म करने के मामले में न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इस संबंध में मीडिया प्रभारी अभियोजन नीरज पांडे के द्वारा बताया गया कि पीड़िता के द्वारा दिनांक 31 मार्च 2020 को थाना पाली में इस आशय की मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई की वह ग्राम कन्हवारा में अपनी मां धनिया भाई एवं तीन भाई अमर बैगा अमित बैगा एवं अमन बैगा के साथ रहकर कक्षा 9वी में पढ़ती थी! उसके पिता की मृत्यु करीबन 4 साल पहले हो गई थी दिनांक 29 मार्च 2020 की सुबह करीब 6 उसके बाहर जाने के लिए निकलने पर गांव के बाहर आरोपी गुड्डा बैगा मिलकर उसे कहा कि तुम मेरे साथ चलो।
उसके मना करने पर उसने जबर्दस्ती उसका हाथ पकड़ कर बोला कि यदि उसके साथ नहीं चलोगी तो उसे जान से खत्म कर दूंगा। तब डर के कारण उसके साथ जाने पर आरोपी गुड्डू बैगा उसे दइगंमा की नर्सरी में ले जाकर रात भर नर्सरी में रखा। आरोपी गुड्डू बैगा ने उससे कहा कि मैं तुमसे प्रेम करता हूं तुमसे शादी करना चाहता हूं और शादी का झांसा देखकर नर्सरी में ही पीड़िता के साथ रात में ही उसकी मर्जी के बिना कई बार बलात्कार किया।अगले दिन आरोपी गुड्डू बैगा उसे अपने ग्राम दईगवां वाले घर में ले गया! आरोपी गुड्डू बैगा पीड़िता को जबरन गांव के बाहर ले जाकर उसकी मर्जी के बिना उसके साथ बलात्कार किया। जिसके बाद उसने यह बात अपनी मां एवं भाई को बताई थी।
पुलिस ने अभियुक्त  गुड्डू बैगा के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 363- 366-ए 376 (२)एन 506 तथा धारा 5एल 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर संपूर्ण विवेचना पश्चात अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया! न्यायालय में शासन की ओर से पीड़िता का पक्ष अभियोजन अधिकारी गण द्वारा रखा गया न्यायालय में पीड़िता एवं उसके माता-पिता जिन्होंने अभियोजन मामले का समर्थन किया विवेचना अधिकारी लता मेश्राम द्वारा प्रकरण की गहनता से विवेचना की गई! जिससे अभियोजन द्वारा अभियुक्त गुड्डू बैगा को दोष सिद्ध करने में सफलता प्राप्त हुई !राज्य की ओर से मामले में जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती अर्चना मरावी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री वी के वर्मा द्वारा सशक्त पैरवी की गई एवं आरोपी को कठोर से कठोर दंड देने का निवेदन किया गया।
उक्त प्रकरण में माननीय विशेष न्यायाधीश लैंगिक अपराधियों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 उमरिया श्री विवेक सिंह रघुवंशी के न्यायालय द्वारा आरोपी गुड्डू बैगा को भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के अंतर्गत 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹500 के अर्थदंड तथा धारा 366 के अंतर्गत 10 वर्ष का कारावास एवं 500 रुपए के अर्थदंड धारा 376 (२)(ढ) के अंतर्गत 10 वर्ष का कारावास एवं ₹500 के अर्थदंड तथा धारा 376 (3 )के अंतर्गत 20 वर्ष का सा आश्रम कारावास ₹500 धारा 506 भाग 2 के अंतर्गत 1 वर्ष का कारावास ₹500 अर्थदंड एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 56 सहपाठी धारा 6 के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं ₹500 के अर्थदंड से दंडित किया गया।
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *