उमरिया (संवाद)। बीते कुछ समय से विवाद में रहे उमरिया जिला चिकित्सालय में पदस्थ संविदा कर्मी अनिल सिंह की परेशानियां कुछ कम होते दिखाई नहीं दे रही हैं। उनके द्वारा की गई सोशल मीडिया में एक विवादित पोस्ट से जहां ब्राह्मण समाज उनके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। वही अब कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के द्वारा उन्हें जिले से हटाने मिशन संचालक स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है। इधर कलेक्टर के द्वारा लिखे जाने के बाद जिला स्वास्थ्य अधिकारी आरके मेहरा ने भी उनसे एनएचएम का प्रभार छीनते हुए किसी और कर्मचारी को प्रभार सौंपा है।
दरअसल जिला चिकित्सालय में पदस्थ सविंदा कर्मी एपीडिमोलॉजिस्ट अनिल सिंह के द्वारा पूर्व के कुछ दिन पहले अपने सोशल मीडिया फेसबुक और व्हाट्सएप में ब्राह्मण समाज के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी जिसके बाद से समाज ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। ब्राह्मण समाज ने इस आपत्तिजनक पोस्ट के खिलाफ पुलिस थाने सहित एसपी और कलेक्टर से उनके खिलाफ कार्यवाही करने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि संविदा कर्मी अनिल सिंह के द्वारा ब्राह्मण समाज के प्रति की गई आपत्तिजनक पोस्ट को जानबूझकर समाज को नीचा दिखाने और उनके धर्म को आघात पहुंचाने का कृत्य किया गया है। हालांकि अनिल सिंह के द्वारा पोस्ट के तुरंत बाद ही अपनी गलती मानते हुए यह लिखा था कि उनके इस पोस्ट से किसी भी धर्म या व्यक्ति को ठेस पहुंची हो तो वह उसके लिए वह खेद प्रकट करते हैं।
इसी विवादित पोस्ट और ब्राह्मण समाज के द्वारा एपीडिमोलॉजिस्ट अनिल सिंह के प्रति विरोध को देखते हुए कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने अनिल सिंह को उमरिया जिले से हटाने के लिए मिशन संचालक स्वास्थ्य सेवाएं मध्यप्रदेश भोपाल को पत्र लिखा है। कलेक्टर ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि अनिल सिंह के द्वारा अपने व्हाट्सएप स्टेटस में ब्राह्मण समाज के खिलाफ टिप्पणी की गई थी। जिससे ब्राह्मण समाज के लोग उनको हटाने की मांग कर रहे हैं। इधर कलेक्टर के द्वारा पत्र लिखे जाने के बाद जिले के स्वास्थ्य अधिकारी आरके मेहरा के द्वारा अनिल सिंह से एनएचएम का प्रभार छीनकर स्वास्थ्य कर्मचारी शारदा प्रसाद गुप्ता को प्रभार सौंपा है।

