उमरिया (संवाद)। जिले के प्रसिद्ध माता ज्वाला धाम मंदिर उचेहरा में आज भव्य जवारा का विसर्जन किया जाएगा इसके बाद छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गायक कलाकार के द्वारा पूरी रात देवी जागरण का आयोजन किया गया है।

Contents
उमरिया (संवाद)। जिले के प्रसिद्ध माता ज्वाला धाम मंदिर उचेहरा में आज भव्य जवारा का विसर्जन किया जाएगा इसके बाद छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गायक कलाकार के द्वारा पूरी रात देवी जागरण का आयोजन किया गया है।बता दें कि दशहरे की 1 दिन बाद जिले के नौरोजाबाद के पठारी रेल्वे फाटक के नजदीक बाद उचेहरा गांव में स्थित मां ज्वाला धाम उचेहरा वाली के मंदिर में मनाया जाने वाला विशाल जवारा जुलूस और विसर्जन का कार्यक्रम आज रखा गया है। जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु और लोग उपस्थित होते हैं।पाली स्थित मां बिरासिनी मंदिर के बाद जिले का यह दूसरा सबसे बड़ा शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है। यहां भी हजारों की संख्या में कलश जवारे बोए जाते हैं और श्रद्धालुओं के द्वारा 9 दिनों तक मां ज्वाला और कलश जवारों की पूजा आराधना करने के बाद 10 दिनों में इसका विसर्जन किया जाता है। यहां पर जिले के अलावा दूरदराज के इलाकों से भी लोग पहुंचते हैं।मान्यता है कि मां ज्वाला के दर्शनभर मात्र से दीन-दुखियों के कष्ट दूर हो जाते हैं और उनकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। शायद यही वजह है कि मां ज्वाला धाम उचेहरा में धीरे धीरे भक्तों की संख्या हजारों और लाखों में पहुंच गई हैं। शुरुआत में तो कुछ कम ही श्रद्धालु ही यहां आते थे लेकिन माता का पुण्य प्रताप चारों ओर फैलने के बाद अब यहां पर श्रद्धालुओं की संख्या हजारों और लाखों में है।दूरदराज के और स्थानीय श्रद्धालु अपनी मन्नतों के अनुसार कलश जवारे बोते हैं और और आज 6 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे विसर्जन के लिए विशाल जवारा जुलूस में काली के भव्य नृत्य के भ्रमण करते हुए वहीं नजदीक से गुजरी घोरछत्र नदी में विसर्जित किये जाते है। इसके साथ मंदिर में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया है।कई श्रद्धालुओं के द्वारा आज भंडारे कराए जाते है। विसर्जन के बाद मंदिर प्रांगण में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गायक कलाकार अन्नू मिश्रा के द्वारा भजन और देवी जागरण का कार्यक्रम सारी रात किया जाएगा।
बता दें कि दशहरे की 1 दिन बाद जिले के नौरोजाबाद के पठारी रेल्वे फाटक के नजदीक बाद उचेहरा गांव में स्थित मां ज्वाला धाम उचेहरा वाली के मंदिर में मनाया जाने वाला विशाल जवारा जुलूस और विसर्जन का कार्यक्रम आज रखा गया है। जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु और लोग उपस्थित होते हैं।
पाली स्थित मां बिरासिनी मंदिर के बाद जिले का यह दूसरा सबसे बड़ा शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है। यहां भी हजारों की संख्या में कलश जवारे बोए जाते हैं और श्रद्धालुओं के द्वारा 9 दिनों तक मां ज्वाला और कलश जवारों की पूजा आराधना करने के बाद 10 दिनों में इसका विसर्जन किया जाता है। यहां पर जिले के अलावा दूरदराज के इलाकों से भी लोग पहुंचते हैं।
