मुख्यमंत्री जनसेवा शिविर में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने की बड़ी कार्यवाही, 4 नोडल अधिकारियों को किया सस्पेंड,कलेक्टर की कार्यवाही से अधिकारी-कर्मचारियों में मचा हड़कंप

Editor in cheif
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उमरिया (संवाद)। जिले में मुख्यमंत्री जन सेवा कल्याण शिविर में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने बड़ी कार्यवाही की है जिसमें अलग-अलग जगहों के लिए नियुक्त 4 नोडल अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है कलेक्टर की इस कार्यवाही से जहां अधिकारी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है वही क्षेत्र के लोगों और काम करने वाले कर्मचारियों ने इसे सही ठहराया जा रहा है।

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उमरिया (संवाद)। जिले में मुख्यमंत्री जन सेवा कल्याण शिविर में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने बड़ी कार्यवाही की है जिसमें अलग-अलग जगहों के लिए नियुक्त 4 नोडल अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है कलेक्टर की इस कार्यवाही से जहां अधिकारी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है वही क्षेत्र के लोगों और काम करने वाले कर्मचारियों ने इसे सही ठहराया जा रहा है।दरअसल बीते कुछ दिनों से मुख्यमंत्री जनसेवा शिविर अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार की कुछ चिन्हित जन हितैसी और सीधे आम जनता से जुड़ी  योजनाओं को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा जिले के तमाम जगहों पर और प्रत्येक ग्राम पंचायतों पर मुख्यमंत्री जन सेवा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के द्वारा अलग-अलग जगहों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जिन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है कि शिविर का सफल आयोजन और आयोजन में आने वाले ग्रामीणों के आवेदन पर विचार करके उनका निराकरण कराने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है।कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के द्वारा कर्मचारियों को सौपे गए नोडल अधिकारी के दायित्व में कुछ कर्मचारियों ने इसे लेकर घोर लापरवाही बरती है जिसके कारण कलेक्टर के द्वारा उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। लापरवाही बरतने वाले नोडल अधिकारियों में मुकेश कुमार गौटिया जन शिक्षक केंद्र करकेली इन्हें ग्राम पंचायत सिंहपुर की जबावदारी दी गई थी।रामलाल बैगा सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी पशु चिकित्सा विभाग उमरिया इन्हें ग्राम पंचायत कछारी की जिम्मेदारी दी गई थी। लल्लू प्रसाद महोबिया जनशिक्षक करकेली इन्हें ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी दी गई थी।शोभनाथ साकेत पीसीओ जनपद करकेली को ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी दी गई थी।इन चारों को मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविर में उपस्थित होकर शिविर को सुव्यवस्थित आयोजन कराने और आम जनता के द्वारा दिए गए आवेदन पर विधि संगत निराकरण कराने की जवाबदारी थी। लेकिन यह चारों नोडल अधिकारी शिविर में उपस्थित ही नहीं हुए। जिस कारण आवेदन पत्रों की फीडिंग में विलंब हुआ है। इस कारण उनके द्वारा अपने कार्य में रूचि नहीं लेने के फल स्वरुप और उनके पति पति कर्तव्य के प्रति लापरवाही सुरक्षा चार इटवा अनुशासनहीनता है जो मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के तहत कदर चरण की श्रेणी में आता है। जिस पर कलेक्टर के द्वारा निलंबन की कार्यवाही की गई है।
दरअसल बीते कुछ दिनों से मुख्यमंत्री जनसेवा शिविर अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार की कुछ चिन्हित जन हितैसी और सीधे आम जनता से जुड़ी  योजनाओं को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा जिले के तमाम जगहों पर और प्रत्येक ग्राम पंचायतों पर मुख्यमंत्री जन सेवा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के द्वारा अलग-अलग जगहों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जिन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है कि शिविर का सफल आयोजन और आयोजन में आने वाले ग्रामीणों के आवेदन पर विचार करके उनका निराकरण कराने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है।
कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के द्वारा कर्मचारियों को सौपे गए नोडल अधिकारी के दायित्व में कुछ कर्मचारियों ने इसे लेकर घोर लापरवाही बरती है जिसके कारण कलेक्टर के द्वारा उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। लापरवाही बरतने वाले नोडल अधिकारियों में मुकेश कुमार गौटिया जन शिक्षक केंद्र करकेली इन्हें ग्राम पंचायत सिंहपुर की जबावदारी दी गई थी।रामलाल बैगा सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी पशु चिकित्सा विभाग उमरिया इन्हें ग्राम पंचायत कछारी की जिम्मेदारी दी गई थी। लल्लू प्रसाद महोबिया जनशिक्षक करकेली इन्हें ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी दी गई थी।शोभनाथ साकेत पीसीओ जनपद करकेली को ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी दी गई थी।
इन चारों को मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविर में उपस्थित होकर शिविर को सुव्यवस्थित आयोजन कराने और आम जनता के द्वारा दिए गए आवेदन पर विधि संगत निराकरण कराने की जवाबदारी थी। लेकिन यह चारों नोडल अधिकारी शिविर में उपस्थित ही नहीं हुए। जिस कारण आवेदन पत्रों की फीडिंग में विलंब हुआ है। इस कारण उनके द्वारा अपने कार्य में रूचि नहीं लेने के फल स्वरुप और उनके पति पति कर्तव्य के प्रति लापरवाही सुरक्षा चार इटवा अनुशासनहीनता है जो मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के तहत कदर चरण की श्रेणी में आता है। जिस पर कलेक्टर के द्वारा निलंबन की कार्यवाही की गई है।
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