ग्राम मुंगवानी में उल्टी दस्त सहित अन्य बीमारियों का प्रकोप,सीएमएचओ डॉ आरके मेहरा ने बताये मौसमी बीमारी से बचाव के उपाय

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उमरिया (संवाद)। मानपुर जनपद पंचायत के ग्राम मुंगवानी में उल्टी दस्त के प्रकोप एवं उल्टी दस्त से महिला बेला बाई की मौत हो गई जिसके बाद जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मुंगवानी पहुंची और बीमार पड़े लोंगो की जांच इलाज किया जा रहा है। इस संबंध में  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी  जिला उमरिया डा आर के मेहरा द्वारा जानकारी दी गई कि 31 अगस्त 2022 को ग्राम मुंगवानी विकासखण्ड मानपुर जिला उमरिया में बेला बाई कोल पति बाले कोल उम्र 63 वर्ष शौच करने जाते समय उनकी मृत्यु हो गई।
ग्राम में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सामान्य सर्दी, खांसी, बुखार से प्रभावित अरूण कोल, दशरथ कोल, जगदीश कोल, विटट्न कोल, उनीता कोल, आदि को टीम द्वारा उपचार प्रदान किया गया है। वर्तमान में सभी स्वस्थ हैं । स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है तथा गाँव के सभी लोगों को जल शुद्धिकरण करके ही अर्थात पानी को उबालकर एवं छानकर उपयोग करने की सलाह दी जा रही है । स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कम्बेट टीम के द्वारा सर्वे किया जा रहा है जिसमें सामान्य सर्दी, खासी, बुखार के पाये गये प्रकरणों का त्वरित उपचार दिया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा आर के मेहरा द्वारा सभी अपील की गई है, कि पानी उबालकर पिये, स्वच्छ एवं ताजा भोजन ले किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर स्वास्थ्य संस्था में जाकर अपना उपचार करवायें।

बारिश के बाद होने वाली बीमारियों से बचाव की सलाह

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर के मेहरा ने बताया कि वर्षा के मौसम में बीमारियां फैलने का खतरा अधिक रहता है। इस मौसम में होने वाली बीमारियां खतरनाक साबित हो सकती है। इससे सावधानी बरतने की आवश्यकता है, लापरवाही जानलेवा हो सकती है।
वर्षा के मौसम में होने वाली बीमरियां जैसे सर्दी, जुखाम, बुखार, मलेरिया, चिकनगुनिया, हैजा एवं टाइफाइड हो सकते है सर्दी, जुखाम, बुखार से बचने के लिए बारिश में ज्यादा देर तक न भीगे, भीगने से बचे, भीगने पर शरीर को साफ-कपड़े से पोछे तुरंत कपड़े बदले। मलेरिया से बचने के लिये अपने घर के आसपास गड्डा न होने दें, अगर गड्डा हो तो, उसमें पानी इकठा न होने दें। हैजा से बचने के लिए घर के आसपास सफाई रखें, गंदा पानी उपयोग में न लायें, पानी को छानकर या उबालकर उपयोग करें। टाइफाइड खतरनाक बीमारी में से एक है। यह संक्रमित जल व दूषित भोजन से होता है, इस बीमारी में तेज बुखार आता है एंव कई दिनों तक रहता है। इस बीमारी का संक्रमण रोगी के पित्ताशय में रहता है, टाइफाइड होने वाले रोगी से दूर रहना चाहिए और चिकित्सक से दवा लेनी चाहिए।
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