जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने न्यायालय की अवमानना के एक मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने पन्ना एसपी को वारंट तामील कराने के निर्देश दिए हैं और कलेक्टर को 30 सितंबर को हर हाल में न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है।
कर्मचारी के नियमितीकरण से जुड़ा है मामला
यह मामला पन्ना कलेक्टर कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी के नियमितीकरण से संबंधित है। हाईकोर्ट ने 13 अगस्त 2025 को याचिका का निपटारा करते हुए कलेक्टर को 90 दिनों के भीतर आदेश का पालन करने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि तय समय सीमा बीतने के बाद भी कर्मचारी के नियमितीकरण पर कार्रवाई नहीं की गई।
कोर्ट की अनदेखी पर सख्त रुख
आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना याचिका दायर की गई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कई बार नोटिस जारी किए और कलेक्टर को जवाब देने के लिए कहा, लेकिन अदालत के अनुसार संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। 4 दिसंबर 2025 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश भी दिए गए थे, फिर भी न तो कलेक्टर स्वयं कोर्ट पहुंचीं और न ही उनकी ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित हुआ। इसके बाद अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया।
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30 सितंबर को अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कलेक्टर उषा परमार को 30 सितंबर को हर हाल में न्यायालय के समक्ष उपस्थित किया जाए। अब मामले की अगली सुनवाई इसी तारीख को होगी, जहां अदालत आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।
कौन हैं उषा परमार?
उषा परमार वर्ष 2011 बैच की प्रमोटी आईएएस अधिकारी हैं। वे पहले राज्य प्रशासनिक सेवा में रहीं और बाद में आईएएस बनीं। राजस्व विभाग में अतिरिक्त आयुक्त तथा वन विभाग में उप सचिव सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं देने के बाद उन्हें पन्ना जिले की कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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