नई दिल्ली/भोपाल। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल की लगातार हो रही हाई-प्रोफाइल मुलाकातों ने प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। भोपाल में राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात के बाद उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का अचानक दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।
राजेंद्र शुक्ल की इन महत्वपूर्ण मुलाकातों के समय को लेकर भी तरह-तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और रीवा से जुड़े हालिया घटनाक्रम के बीच उनकी सक्रियता को लेकर विपक्ष भी सवाल खड़े कर रहा है। कांग्रेस पार्टी रीवा में बीते दिनों हुए घटनाक्रम को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रही है।
रीवा से विधायक और प्रदेश सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे राजेंद्र शुक्ल का पहले भोपाल में राज्यपाल से मिलना और इसके तुरंत बाद दिल्ली पहुंचकर केंद्र सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात करना सामान्य राजनीतिक गतिविधि से अलग मानकर देखा जा रहा है। हालांकि इन मुलाकातों के संबंध में किसी बड़े राजनीतिक फैसले, संगठनात्मक बदलाव अथवा सरकार में संभावित फेरबदल को लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों और नेताओं के बीच इन मुलाकातों को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं। कुछ लोग इन्हें प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम और रीवा से जुड़े विवाद के संदर्भ में देख रहे हैं, तो कुछ इसे सरकार और संगठन से जुड़े सामान्य संवाद का हिस्सा मान रहे हैं।
फिलहाल राजेंद्र शुक्ल की भोपाल से दिल्ली तक हुई इन हाई-प्रोफाइल मुलाकातों ने मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इन बैठकों के बाद कोई बड़ा राजनीतिक संदेश या निर्णय सामने आता है या फिर यह मुलाकातें केवल नियमित प्रशासनिक एवं राजनीतिक संवाद तक ही सीमित रहती हैं।