उमरिया। जिले के प्रतिष्ठित व्यवसायी समाजसेवी आहूजा परिवार के खिलाफ झूठी भ्रामक और मनगढ़ंत शिकायत कर परेशान और ब्लैकमेलिंग कर 50 लाख रुपए की मांग करने वाले विकास सचदेव के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। निश्चित रूप से पुलिस की इस कार्यवाही से न सिर्फ झूठी और मनगढ़ंत शिकायत कर ब्लैकमेलिंग के जरिये पैसे ऐंठने वालों को एक सबक है बल्कि इस कार्यवाही से आदतन शिकायत करने वालों पर लगाम लग सकेगी। लेकिन अभी एक सवाल बना हुआ है कि ऐसे झूठे और फरेबी शिकायतकर्ताओं को ब्लैक लिस्ट कब किया जाएगा।
दरअसल मामले का आरोपी विकास सचदेव के द्वारा आहूजा परिवार के खिलाफ 100 से अधिक झूठी शिकायतें कर परिवार के विनोद आहूजा से ब्लैकमेलिंग के जरिये धमकाते हुए 50 लाख रुपए की डिमांड की गई थी। जिस पर विनोद आहूजा और उनके परिवार ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस से दर्ज कराई थी पुलिस ने मामले की छानबीन और बयान के आधार पर आरोपी विकास सचदेव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 (A) 308(3) 351(3) में मामला पंजीबद्ध कर अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी है। इसके पहले भी विकास सचदेव के खिलाफ ऐसे ही ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज हो चुका है जिसमें विकास सचदेव जमानत पर है।
इसके अलावा विकास सचदेव के खिलाफ निराधार और मनगढ़ंत शिकायतों और आरोप लगाने के चलते 5 मानहानि के मुकदमे चल रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि विकास सचदेव के द्वारा निराधार और झूठी शिकायत कर न सिर्फ लोगों को को बदनाम और परेशान करता है बल्कि ब्लैकमेलिंग कर हजारों लाखों रुपए की मांग करने का धंधा बना चुका है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे ब्लैकमेल करने वालों को जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन आदि से न सिर्फ ब्लैकलिस्ट करना चाहिए बल्कि इनके खिलाफ शासन प्रशासन को गुमराह करने शासकीय सेवकों को ऊल जुलूल की शिकायतों में समय खराब करने आदि का जिम्मेदार मानते हुए कार्यवाही करनी चाहिए।