एमपी (संवाद)। मध्यप्रदेश की राजधानी का जब यह आलम है तो प्रदेश के अन्य जिलों खासकर आदिवासी इलाकों का क्या हाल होगा आसानी से समझा जा सकता है। प्रदेश की राजधानी में गरीबों को मिलने वाले राशन में अधिकारियों ने डाका डाला है। हालांकि जानकारी के बाद लापरवाही बरतने वाले 15 अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रदेश की राजधानी में इस बड़ी कार्यवाही से पूरे प्रदेश के जिलों में हड़कंप मचा हुआ है।
दरअसल प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले महीने अक्टूबर में गरीबों को मिलने वाले राशन वितरण में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जिसमें विभाग के अफसरों ने राशन माफियाओं से सांठगांठ करके गरीबों के राशन की कालाबाजारी की है। इतना ही नहीं विगत 10-11 महीने से विभाग के जिम्मेदार ना तो स्टाक की जांच की और ना ही यह पता लगाया कि उपभोक्ताओं और गरीबों को दिए जाने वाले राशन उनको मिल रहा है या नहीं। विभाग के पीएस फैज अहमद किदवई से शिकायत के बाद विभाग संचालक दीपक सक्सेना ने एक दर्जन टीम बनाकर जिसमें 24 अफसरों को राजधानी की 70 राशन दुकानों की जांच कराने के जिम्मेदारी सौंपी गई। जांच उपरांत जो तथ्य सामने निकल कर आए हैं वह बेहद चौंकाने वाले हैं। जिसमें साफ तौर पर जांच टीम ने यह पाया कि इन बीते 10 महीनों में राशन दुकानदार और खाद्य विभाग के जिम्मेदार अफसर सहित कालाबाजारी करने वाले माफियाओं के साथ सांठगांठ करके गरीबों के राशन में हेराफेरी बड़ी मात्रा में की गई है।
टीम को जांच के दौरान राशन दुकानों से गेहूं,चावल का स्टॉक कम पाया गया है। नमक केरोसिन शक्कर और मूंग का स्टॉक भी कम रहा है। उपभोक्ताओं को निर्धारित राशन का वितरण नहीं किया गया है। इसके अलावा निर्धारित मूल्य से अधिक रुपए उपभोक्ताओं से लिए जा रहे हैं। मशीन से वितरण मात्रा की जानकारी भी नहीं दिखाई जा सकी । राशन के मोबाइल पर एसएमएस भी नहीं भेजे जा रहे थे। दुकानों पर बीपीएल एवं अंत्योदय राशन कार्ड धारियों की सूची भी चस्पा नहीं की गई थी।
जांच टीम की प्रतिवेदन के बाद 15 जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है जिनमें जिला आपूर्ति नियंत्रक ज्योतिषा नरवरिया, सहायक आपूर्ति अधिकारी संतोष उइके, दिनेश अहिरवार, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी विनय सिंह, प्रताप सिंह, सत्यपाल सिंह जादौन व एसएल गिल शामिल है। इसी तरह जांच में गड़बड़ी करके सस्पेंड होने वालों में सहायक आपूर्ति अधिकारी भोपाल अनिल तंतुवाए, राजेश खरे, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सौरभ जैन, रायगढ़ के सुरेश गुर्जर, नर्मदा पुरम के आशीष तोमर, भोपाल के अंकित हंस व विदिशा के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी शरद पंचोली शामिल हैं। भोपाल के संचालक कार्यालय में पदस्थ सहायक संचालक अनिल तिवारी भी निलंबित किए गए हैं।