बीजेपी जल्द हटा सकती शिवराज को सीएम के पद से?

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नई दिल्ली (संवाद)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए सब कुछ ठीक नहीं है। इस बीच अटकलें तेज हैं कि एमपी का शिवराज विरोधी खेमा और राष्ट्रीय संगठन ने इसके लिए कदम बढ़ा दिए है।राज्य में 2023 विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह निर्णय लिया जा रहा है। पार्टी के एक वर्ग ने संकेत दिया है कि सितंबर के दूसरे सप्ताह तक बदलाव किए जा सकते हैं।
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि मप्र के दो प्रमुख और पार्टी के शक्तिशाली नेता बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवराज को सत्ता से बेदखल करने के लिए एकजुट हो गए हैं? जिसके बाद से नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों ने गति पकड़ी है। वहीं सीएम शिवराज केंद्रीय संसदीय बोर्ड से हटाए जाने के बाद बीते मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी मड्डा से मिलने पहुंचे थे।  
इधर जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को संसदीय बोर्ड से हटाने के बाद इंदौर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के बीच अचानक काफी देर तक चली बैठक के बाद शिवराज सिंह चौहान खेमे में तरह तरह की चर्चाएं प्रारम्भ हो गई है कि कहीं न कहीं इन दोनों नेताओं के बीच हुई महत्वपूर्ण चर्चा के बाद कुछ उलट-पलट के संकेत मिले है। प्रदेश के एक वरिष्ठ नेता ने यह साफ कर दिया है कि कुछ तो होने वाला है क्योंकि स्वयं शिवराज ने संसदीय बोर्ड से हटाए जाने के बाद यह कहते हुए साफतौर पर देखे गए थे कि अगर पार्टी मुझे दरी बिछाने का काम देती है तो मैं खुशी-खुशी वह करूंगा। पार्टी मुझसे जो भी करने को कहेगी मैं वह करूंगा।
सूत्रों ने बताया कि पार्टी में शिवराज विरोधी खेमा जिसमें कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हैं और वे प्रदेश की हर गतिविधियों से पार्टी आलाकमान को अवगत कराया जा रहा है। इस विशेष खेमे द्वारा यह भी तर्क दिया जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता कम हो गई है और उनके नेतृत्व में 2023 में विधानसभा चुनाव लड़ते है तो  पार्टी को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा पार्टी के भीतर ही उनके प्रतिद्वंद्वियों ने नगरीय निकाय चुनाव के परिणामों के बाद उन्हें निशाना बनाया है पहले नगर निगम में बीजेपी के पास 16 सीटे रही है अब इनमें 7 सीटें हार गए है।
हालांकि बीते दिन सीएम शिवराज सिंह चौहान कथित तौर पर दिल्ली पहुंचे हुए थे और पार्टी आलाकमान से मिलकर अपना पक्ष रखा है। वहीं उनकी सरकार और संगठन के वफादारों ने सीएम शिवराज पर किसी भी खतरे से इनकार किया है।साथ ही कहा है कि प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान एक मजबूत नेता है जिनकी पूरे प्रदेश में स्वीकार्यता है।रहा सवाल पार्टी आलाकमान से मुलाकात का तो वह कैबिनेट विस्तार के लिए रहा है।
News Source:Asian Age News Paper

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