Umaria: जिनकी गई जमीन वह भटक रहे मुआवजे के लिए,लेकिन यहाँ जालसाजी कर करोड़ो रूपये डकारने के फिराक में एक धन्नासेठ,मामले का कलेक्टर स्वयं ले संज्ञान

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उमरिया (संवाद)। जिले में शुरूआत से ही नेशनल हाईवे 43 के बनने के बाद से भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण विवादों में घिरा रहा है। अभी हाल ही में चपहा स्थित भूमि का करोड़ो रूपये बने मुआवजा को लेकर जमकर उठापटक चल रही है। जिसकी शिकायत भी जिले कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन से की गई है। मामले में जिस कदर नगर के एक धन्नासेठ के द्वारा जालसाजी कर और कुछ अधिकारियों से मिली भगत के चलते शासन को करोड़ो रूपये की चपत लगाने के फिराक में है।

Umaria: जिनकी गई जमीन वह भटक रहे मुआवजे के लिए,लेकिन यहाँ जालसाजी कर करोड़ो रूपये डकारने के फिराक में एक धन्नासेठ,मामले का कलेक्टर स्वयं ले संज्ञान

दरअसल उमरिया नगर से गुजरी एनएच 43 के लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में शुरुआत से ही कुछ अधिकारियों के द्वारा लापरवाही बरती गई है। जिसके कारण जिन गरीब किसानों की भूमि पर सड़क बना दी गई या उसका अधिग्रहण कर लिया गया, उनमें से कई लोग आज भी अपनी भूमि गंवाने के बाद मुआवजा के लिए कलेक्टर और एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगाते देखे जा सकते हैं। लेकिन अधिकारियों के द्वारा उनका निराकरण करना तो दूर उनकी सुनवाई तक नहीं की जा रही है।

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वहीं अपने पैसे के दम पर नगर के एक धन्ना सेठ के द्वारा एक बार फिर चपहा कालरी के पास एनएच से लगी हुई भूमि का एन केन प्रकारण तरीके से अधिकारियों की मिली भगत से करोड़ों रुपए का मुआवजा बनवा लिया गया और अब वह शासन को एक बड़ी लंबी रकम की चपत लगाने की फिराक में है। मामले में शिकवा शिकायत के बाद अब नगर का धन्ना सेठ शिकायतकर्ताओं को मैनेज करने में जुट गया है।

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इसी बीच मुआवजे को लेकर हर हफ्ते सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने वाले गरीब किसानो को जब नगर के धन्ना सेठ को करोड़ों रुपए मुआवजा दिए जाने की जानकारी मिली तब वह एक बार फिर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर को अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने कहा कि जब बड़े और धनवान लोगों को मुआवजा दिया जा सकता है तो हम गरीबों के लिए नियम, कानून की दुहाई क्यों दी जाती है। करीब दो दर्जन से अधिक किसान लिखित पत्र के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे।

Umaria: जिनकी गई जमीन वह भटक रहे मुआवजे के लिए,लेकिन यहाँ जालसाजी कर करोड़ो रूपये डकारने के फिराक में एक धन्नासेठ,मामले का कलेक्टर स्वयं ले संज्ञान

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि जिनकी एक बूट भी भूमि अधिग्रहित नही हुई वह भी मुआवजे की कतार में शामिल हो गये और वह किसान जिनकी भूमि पर पक्की कंक्रीट सड़क का निर्माण हो चुका है वह दर-दर, कार्यालय-कार्यालय और नियमों के ऐसे जंजाल में फंसा है, जहां से निकल पाना शायद उनके बस में नही है। हालांकि जिले के कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन इस पूरे मामले की शिकायत के बाद स्वयं संज्ञान लेकर मामले की जांच कराकर धन्नासेठ के द्वारा अधिकारियों से मिली भगत करके कैसे करोड़ों रुपए डकारने का प्लान बना लिया जांच में यह पूरी पोल खुलकर सामने आ जाएगी।

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