Umaria News: पुलिस के साथ बर्बरता से मारपीट मामले में प्रशासन की चूक आई सामने,अब तक 47 आरोपी गिरफ्तार,गंभीर रूप से घायल पुलिस कर्मियों का उपचार जारी

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Umaria (संवाद)। बीते 26 सितंबर को उमरिया जिले के रानी दुर्गावती चौराहे में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों के द्वारा पुलिसकर्मियों के साथ की गई बर्बरता से मारपीट मामले में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के इंटेलीजेंस की बड़ी चूक सामने आई है। कारण यह कि गोंडवाना पार्टी के द्वारा पूर्व में पाली नगर और मानपुर नगर में की रैली के दौरान भी उग्र प्रदर्शन करने की खबरें सामने आई थी। इसके अलावा जिला मुख्यालय में 26 सितंबर को गोंडवाना पार्टी की हजारों की तादात में प्रदर्शनकारियों की एकत्रित भीड़ देखने के बाद भी जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की तरफ से उस स्तर से व्यवस्थाएं दुरुस्त नही की गई थी।
दरअसल 26 सितंबर को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के द्वारा उग्र प्रदर्शन को लेकर पूर्व से ही तैयारी की जा रही थी। पार्टी इसके लिए कुछ दिनों पहले से ही अलग-अलग जगह पर जाकर मीटिंग करना और ज्यादा से ज्यादा संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं को 26 सितंबर को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए तैयार किया जा रहा था। इतना ही नहीं उमरिया जिले के अलावा मंडला, डिंडोरी बालाघाट, अनूपपुर और शहडोल जिले के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी बड़ी तादाद में उमरिया पहुंचने की जानकारी मिल रही थी। बावजूद इसके जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के खुफिया तंत्र, इंटेलिजेंस की चूक के कारण पुलिस विभाग इतनी ज्यादा तादाद में प्रदर्शन करियो को देखने के बाद और उनके द्वारा रैली के शुरुआती समय से ही पुलिस से झड़प और हुज्जत बाजी किये जाने पर भी पुलिस प्रदर्शनकारियों की मंशा पूरे तरीके से समझ नही पाई।

हजारों प्रदर्शनकारियों के बावजूद पुलिस की नही थी तैयारी

जानकारी के मुताबिक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हजारों की तादाद में प्रदर्शनकारी रैली के प्रारंभ से ही पुलिस से हुज्जत बाजी करते नजर आए प्रदर्शन कार्यों का शायद यह उद्देश्य ही शुरू से रहा है कि वह कुछ ना कुछ बड़ी घटना को इस रैली के माध्यम से अंजाम देंगे प्रदर्शन कार्यों के टारगेट में पहले जिला मुख्यालय की दुकाने जबरदस्ती बंद कराने और उन्हें नुकसान पहुंचाने का रहा है लेकिन वह मौजूद पुलिसकर्मियों और पुलिस अधिकारियों के द्वारा उन्हें ऐसा करने से रोकने के कारण ही हजारों की तादाद में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ही हमला बोल दिया।

घटना से पहले भी उग्र होती रही भीड़

बताया गया कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदर्शनकारी का उग्र रवैया और फिर उनके द्वारा रैली स्थल रानी दुर्गावती चौक के पास एट और पत्थर इकट्ठे करना, लाठी डंडों का व्यवस्था करना प्रदर्शित रहा था कि प्रदर्शनकारियों के द्वारा किसी बड़ी घटना को अंजाम दिया जा सकता है लेकिन प्रशासन इसे समझने में देरी कर दी, जिस कारण प्रदर्शनकारी पुलिस पर हावी हो गए। इस दौरान रैली को कवरेज कर रहे पत्रकारों को भी प्रदर्शनकारी के द्वारा की गई पत्थर बाजी से चोटे आई हैं।

4 गंभीर सहित डेढ़ दर्जन पुलिसकर्मी घायल

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदर्शनकारी के द्वारा पुलिस के साथ बर्बरता पूर्ण लाठी डंडों से मारपीट और पत्थर बाजी से डेट दर्जन पुलिस कर्मी घायल हुए हैं जिसमें पांच पुलिसकर्मी जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भी शामिल है इन्हें गंभीर चोटें आई हैं घटना के बाद घायल पुलिस कर्मियों को स्थानीय जिला चिकित्सालय में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था जहां से गंभीर घायलों को जबलपुर के लिए रेफर कर दिया गया था। जहां सभी का इलाज किया जा रहा है। घटना में गंभीर रूप से घायल हुए एडिशनल एसपी प्रतिपाल सिंह महोबिया जबलपुर के निजी अस्पताल में चार दिनों तक उपचारार्थ रहने के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार हो गया है।

अभी भी 3 पुलिसकर्मी जबलपुर में भर्ती

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदर्शनकारियों के हमले से घायल चार अन्य पुलिस कर्मियों का इलाज जबलपुर में अभी भी चल रहा है जिसमें उमरिया के भरौली सिविल लाइन चौकी प्रभारी अमर बहादुर सिंह गंभीर रूप से घायल हैं। प्रदर्शनकारी के हमले से उनका एक पैर और एक हाथ फैक्चर हो गया है। इसके अलावा उन्हें हेड इंजुरी भी हुई है।
रामकृष्ण साहू एएसआई चंदिया थाना भी इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिनका इलाज जबलपुर के निजी चिकित्सालय में किया जा रहा है उनके शरीर में काफी चोट के निशान है और उनके सिर और चेहरे में गंभीर चोटें आई हैं।
पुलिस आरक्षक और एडिशनल एसपी के गार्ड के रूप में तैनात आत्माराम को भी प्रदर्शनकारियों ने लाठी डंडों से पीट कर लहूलुहान कर दिया है उनके भी सर में गंभीर चोटें आई हैं और उनका एक पैर फैक्चर हो गया है जिसका इलाज जबलपुर के निजी अस्पताल में किया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी का दौर जारी

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदर्शनकारी कि इस हरकत से जहां चारों ओर बदनामी और बुराइयां की जा रही हैं वहीं घटना के बाद एक्शन में आए पुलिस प्रशासन के द्वारा प्रदर्शनकारी की वीडियो फुटेज देखकर कार्यवाही की जा रही है पुलिस के द्वारा मामले में गंभीर धाराओं सहित अपराध दर्ज कर आरोपियों की सर गर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस के द्वारा अब तक 47 प्रदर्शनकारी की गिरफ्तारी की जा चुकी है। जिसमें गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पदाधिकारी कार्यकर्ता और कांग्रेस के नेता जिला पंचायत के सदस्य ओंकार सिंह बबलू को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा पुलिस के द्वारा लगातार वीडियो फुटेज देखकर आरोपियों की तलाश की जा रही है। संभवतःआरोपियों की यह संख्या 47 के ऊपर जाने की पूरी संभावना है।

धारा 307 सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के द्वारा प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर किए गए हमले के मामले में जिला उमरिया थाना कोतवाली के अपराध क्रमांक 511/2023 धारा 147,148, 149, 188, 114, 115,117, 294, 307, 323, 342, 353, 332, 333, 337, 395, 504, 506, 120बी भादवि एवं 3/4 म.प्र. लोक संम्पत्ति नुकसानी निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

प्रदर्शनकारियों ने छीनी आरक्षक की पिस्टल

घटना के बाद प्रदर्शनकारियों के द्वारा गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश पड़े आरक्षक आत्माराम की शासकीय पिस्टल जिसका वट नं. 54 बॉडी नं. 18352560 है, को प्रदर्शनकारियों द्वारा शारीरिक क्षति पहुंचाकर बलात् छीन ली गई जो कि डकैती की श्रेणी में आता है और एक गंभीर आपराधिक कृत्य है। इस पिस्टल को शीघ्र बरामद किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
अतः प्रकरण की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुये डी. सी. सागर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, शहडोल जोन, शहडोल के द्वारा मध्य प्रदेश पुलिस रेग्यूलेशन के पैरा क्र. 80(बी)(1) में दिये गये प्रावधानों के तहत उद्घोषणा आदेश जारी किया गया है कि, जो व्यक्ति आरोपियों द्वारा शारीरिक क्षति पहुंचाकर बलात् छीनी गई पुलिस आरक्षक आत्माराम की उक्त शासकीय पिस्टल की बरामदगी करवाकर प्रकरण के निराकरण में पुलिस की मदद करेगा, उसे शहडोल जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक द्वारा 30,000/- रुपये का ईनाम दिया जायेगा।

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