उमरिया (संवाद)। जिले का महिला एवं बाल विकास विभाग अपने कारनामे के चलते सुर्खियों में है। लगातार परियोजना कार्यालय मानपुर के द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से मंगल दिवस की राशि में गड़बड़ी और कार्यकर्ताओं के साथ धोखाधड़ी का मामला उजागर हो रहा है। हालांकि यह भी जानकारी मिली है कि यह मामला मानपुर परियोजना भर का नहीं है बल्कि जिले के करकेली और पाली परियोजना में भी इसी तरीके की धोखाधड़ी की खबर आ रही है।
दरअसल सरकार ने मंगल दिवस के नाम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्र में महिलाओं का सुरक्षित प्रसव, आंगनवाड़ी में बच्चों की अच्छी उपस्थिति सहित अन्य कामों के लिए यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसमें प्रोत्साहन के तौर पर 1 महीने में एक आंगनवाड़ी केंद्र को 200 रुपये दिया जाना है। इसी मंगल दिवस की राशि सभी केंद्रों को 15 महीने का दिया गया है। जिसमें 15 महीने के हिसाब से प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को 3-3 हजार रुपए दिए गए हैं। जिले भर में कुल 763 आगनबाड़ी केंद्र है, सभी केंद्रों को मिलाकर कुल राशि 22 लाख 89 हजार जारी किए गए हैं।
लेकिन यहां पर भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मेहनत की इस राशि पर विभाग के जिलाधिकारी से लेकर परियोजना अधिकारी और सुपरवाइजरों की नजर लग गई और उनके द्वारा इस राशि में गड़बड़ी करने और कार्यकर्ताओं की राशि हड़पने का प्लान बना डाला। आनन-फानन में विभाग के जिलाधकारी ने सभी परियोजना अधिकारी से मिलकर सुपरवाइजरों के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को मिली 3-3 हजार की राशि से आधी राशि यानी 1500 रुपये वापस मंगा लिए गए।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक परियोजना अधिकारी मानपुर राज नारायण के द्वारा सुपरवाइजर के माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से उन्हें मिली मंगल दिवस की राशि 3000 रुपये में से आधी राशि यानी 1500 रुपये वसूल लिए गए है। इसके अलावा जिले के करकेली परियोजना और पाली परियोजना में भी इसी प्रकार का मंगल दिवस की राशि को लेकर बड़ा स्कैम हुआ है। जिसमें जारी की गई राशि से लाखों की राशि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से वसूल कर कार्यकर्ताओं के साथ धोखाधड़ी की गई है और मंगल दिवस की राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। हालांकि मानपुर में कार्यकर्ताओं के साथ धोखाधड़ी की बात आम होते ही विभाग ने कुछ सुपरवाइजरों को आनन-फानन में इधर से उधर कर दिया गया है जिससे मामला शांत हो जाए। लेकिन जिस तरीके से परियोजना अधिकारी ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मानपुर बुलाकर उनके बैंक खाते से 1500 की राशि निकवाकर ली गई है वह एक सबूत के तौर पर सामने है।
बताया गया कि इस पूरे मामले में महिला एवं बाल विकास के जिलाधिकारी भरत सिंह राजपूत, परियोजना अधिकारी मानपुर राजनारायण सहित करकेली परियोजना और पाली परियोजना के अधिकारी की मिलीभगत से जिलेभर की आंगनबाड़ियों को मिली मंगल दिवस की राशि में बंदरबांट किए जाने की जानकारी मिली है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिले के कलेक्टर डॉक्टर कृष्ण देव त्रिपाठी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है और दोषियों पर कार्यवाही करने की बात कही है।
मुख्यमंत्री
डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी
संस्कृति के मूल में सामाजिकता
है, सद्भाव है और इस सद्भाव को
बढ़ाने में सामूहिक विवाह
सम्मेलन एक बड़ा ही मजबूत और
कारगर माध्यम है। बेटियों के
पाणिग्रह - 14/03/2026