Assembly Election: मशहूर फिल्म शोले की तर्ज पर उमरिया जेल के भीतर पहुंचा पिस्तौल.? जेल के भीतर से बिछ रही चुनावी बिसात,ऑडियो वायरल

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Umaria (संवाद)। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव का दौर चल रहा है, इसके लिए प्रदेश की दोनों प्रमुख दल बीजेपी और कांग्रेस सत्ता पाने के लिए नई-नई रणनीति तैयार कर रही हैं। वही उमरिया जिले की दोनों विधानसभा चुनाव में जहां तमाम राजनीतिक दलों के द्वारा अपने-अपने उम्मीदवारों का चयन कर लिया गया है, और उम्मीदवार अब चुनावी मैदान में डट चुके हैं। इस बीच जिला जेल उमरिया में बन्द मानपुर विधानसभा से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के उम्मीदवार राधेश्याम काकोडिया जेल के भीतर ही चुनावी रणनीति में जुटे इतना ही नहीं जेल विभाग भी उनकी मदद में लगा है।

Assembly Election: मशहूर फिल्म शोले की तर्ज पर उमरिया जेल के भीतर पहुंचा पिस्तौल,जेल के भीतर से बिछ रही चुनावी बिसात

मशहूर फिल्म शोले का मशहूर डायलॉग “जेल के अंदर पिस्तौल आ चुका है” की तर्ज पर मानपुर विधानसभा के लिए गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार जिला जेल में बंद राधेश्याम काकोड़िया के लिए जेल प्रबंधन भी मदद करने में लगा है। इसी से संबंधित एक ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें जिला जेल में बंद रहते हुए राधेश्याम काकुड़िया फोन, मोबाइल के माध्यम से अपने पदाधिकारीयो से रणनीति बनाने और बातचीत करते सुना गया है। इतना ही नहीं कई गंभीर विषयों पर बातचीत और उनकी मदद के लिए जिला जेल प्रबंधन सहित अन्य राजनीतिक दलों के लोगों का जिक्र किया जा रहा है।

Assembly Election: मशहूर फिल्म शोले की तर्ज पर उमरिया जेल के भीतर पहुंचा पिस्तौल,जेल के भीतर से बिछ रही चुनावी बिसात

जेल में बंद जेल के भीतर से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार राधेश्याम काकुड़िया का फोन, मोबाइल से बातचीत के दौरान का ऑडियो अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।ऑडियो में साफ तौर पर सुना जा सकता है कि चुनाव को लेकर उनकी रणनीति क्या है इसके अलावा अन्य ऐसी कई प्रमुख बातें उनके द्वारा की जा रही हैं जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि जेल प्रबंधन भी उनके साथ में खड़ा दिखाई देता है। इसके अलावा उसके द्वारा कई राजनीतिक दलों के लोगों का भी नाम लिया जा रहा है जो इस चुनाव में उनकी मदद कर रहे हैं या करने वाले हैं।

Assembly Election: मशहूर फिल्म शोले की तर्ज पर उमरिया जेल के भीतर पहुंचा पिस्तौल,जेल के भीतर से बिछ रही चुनावी बिसात

लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यह की क्या जेल के नियम में जेल के भीतर बंद कैदी या आरोपी को इस तरीके से कृत्य किए जाने की छूट रहती है। वहीं इसके लिए जेल विभाग के पास जिला निर्वाचन अधिकारी या चुनाव आयोग के द्वारा ऐसे कोई निर्देश दिए गए हैं कि वह जेल के अंदर विचाराधीन कैदी से चुनावी रणनीति बनाने और फिर अपने पदाधिकारी कार्यकर्ताओं से मोबाइल फोन के माध्यम से बात करने की अनुमति दी गई है। जो भी हो लेकिन जिला जेल उमरिया में जमाने भर पहले की मशहूर फिल्म शोले की तर्ज पर काम करते दिखाई दे रहा है। भले ही शोले फिल्म जेल के भीतर पिस्तौल पहुंचने का जिक्र किया गया हो, और यहां पर उसी की तर्ज पर जेल के भीतर क्या मोबाइल पहुंच गया है।

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