शहडोल (संवाद)। जिले के जिला सत्र न्यायाधीश न्यायालय की न्यायाधीश श्रीमान बी प वीपी सिंह के द्वारा अपने पति की के सिर पर डंडा मारकर हत्या करने वाली हत्यारिन उसकी पत्नी को जिला सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिसमें आरोपियों को धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत आजीवन कारावास एवं ₹2000 के अर्थदंड से दंडित किया है। तथा धारा 201 भारतीय दंड संहिता के तहत 7 वर्ष के कारावास एवं ₹2000 के अर्थदंड से दंडित किया है।
घटना के संबंध में बताया गया कि जिले के ग्राम ददरी टोला थाना कोतवाली शहडोल की रहने रोपिया दुर्गा बाई ने अपने पति लखन सिंह से वाद विवाद होने पर उसने अपने पति के सिर में डंडा मारा था जिससे वह वहीं गिर पड़ा उसके सिर से खून निकलने लगा। इसके बाद आरोपी या पत्नी ने पति का गला दबाकर उसे मार डाला और उसकी लाश को घसीट कर घर से लगी बाड़ी में ले गए और गड्ढा खोदकर गाड़ दिया।
चूंकि घटना का दिन रक्षाबंधन का दिन रहा है। जिसके लिए मृतक लखन सिंह की बहन राखी बांधने वहां पहुंची हुई थी और वह अपने भाई को वहां ना पाकर अपनी भाभी आरोपिया दुर्गा से पूछा तब दुर्गा सिंह ने अपनी ननद फूलबाई सिंह से बताया कि वह अपने पति और तुम्हारे भाई लखन सिंह को मार डाला है। जिसकी लाश बाड़ी में गड्ढा खोदकर दफना दिया है।
घटना की जानकारी मृतक की बहन फूलबाई सिंह को होने के बाद उसके द्वारा पूरे मामले की जानकारी कोतवाली शहडोल को दी गई। जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को गड्ढे से बाहर निकलवाया और पंचनामा आदि की कार्यवाही कर पीएम कराया गया था। इस दौरान पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई कि उसकी पत्नी दुर्गा बाई सिंह ने ही अपने पति लखन सिंह की डंडे से मार कर और बाद में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और उसके शव को घर की बाड़ी में गड्ढा खोदकर दफना दिया है।
पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने का जगन्य अपराध दर्ज कर और आरोपिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था जहां से उसे जेल भेजा गया था। मामले की सुनवाई करते हुए जिला सत्र न्यायालय ने आरोपिया दुर्गाबाई सिंह को अपने पति की हत्या सहित साक्ष्य छुपाने के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मुख्यमंत्री
डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि
शनिवार-रविवार दरमियानी रात
ग्वालियर में हुए ट्रक हादसे
में श्रद्धालुओं की मृत्यु का
समाचार अत्यंत ही हृदयविदारक
है। दुःख की इस घड़ी में राज्य
सरकार सभी प - 18/10/2026