कुछ विध्न संतोषी लोगों ने कहा था मार डालेंगे बाघ को और आखिरकार मारा गया बाघ,2 दर्जन से अधिक लोगों पर हो सकती है FIR.?

Editor in cheif
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उमरिया। बीते रविवार का दिन बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं कहा जाएगा। दरअसल शनिवार-रविवार की रात्रि को टाइगर रिजर्व के पंत तथा परिक्षेत्र अंतर्गत खेरवा टोला में एक बैग घर में घुसकर एक महिला को मौत के घाट उतार दिया और घर के अन्य तीन सदस्यों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। निश्चित रूप से बाघ के हमले से मृत महिला और घर के घायल अन्य सदस्यों सदस्यों की घटना बड़ी ही दुखद रही है।

लेकिन उसके बाद जो हुआ वह कतई नहीं होना था, इस घटना ने जहां एक ओर वन महकमें में हड़कंप मचा दिया वही ग्रामीण भारी आक्रोशित हो उठे। स्पीच ग्रामीणों का आक्रोश साथ में आसमान पर रहा है वह किसी के भी बात बिल्कुल मानने को तैयार नहीं थे ग्रामीणों ने सबसे पहले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारियों पर हमला बोल दिया जिसमें रेंजर, डिप्टी रेंजर, बीट गार्ड सहित अन्य कई वन कर्मियों को चोट आई है वहीं उन्होंने सरकारी वाहनों में भी जमकर तोड़फोड़ कर दी।

लेकिन इस बीच एक ऐसी जानकारी मिली है कि ग्रामीणों के बीच में घुसकर उन्हें उकसाने और बदला लेने जैसी बात सामने आने लगी। कुछ विध्न संतोषी लोगों ने ग्रामीणों को इस कदर भड़काया कि वह बाघ को मार डालने के लिए उतारू हो उठे। बाघ महिला और उसके अन्य सदस्यों पर हमला कर उसके घर के भीतर आराम फरमा रहा था, इस बीच वन विभाग की चिकित्सा टीम ने बाघ को ट्रेंकुलाइज कर ले जाने की तैयारी में थे। लेकिन ग्रामीणों की जोर जबरदस्ती और आक्रोश के कारण संभव नहीं हो सका।

जानकारी में बताया गया कि वन विभाग की चिकित्सा की टीम ने जैसे ही बाघ को ट्रेंकुलाइज किया और इसके बाद उसे रिकवरी के लिए जो समय के अनुसार डोज दिया जाना था उसमें ग्रामीणों की जोर जबरदस्ती के कारण काफी विलंब हो गया। ग्रामीण वन अम्ल और चिकित्सी टीम के ऊपर पथराव कर दिया, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया जिसके कारण वन अमला और टीम अपने को बचाने में जुट गए। फिर भी किसी कदर वन अमले ने बाघ को रेस्क्यू वाहन में रखकर निकलने में सफल हुए लेकिन तब तक बाघ की मौत हो चुकी थी।

वन्य प्राणी बाघ की मौत होने से जहां बांधवगढ़ की रेस्क्यू व चिकित्सकीय टीम पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं ग्रामीणों के द्वारा बार-बार बाघ को मार डालने को कहे जाने की बात सच हो गई। मामले में सूत्रों के हवाले से जो जानकारी मिल रही है वह यह की इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड और ग्रामीणों को उकसाने और पूरा माहौल निर्मित करने के पीछे राधेश्याम काकोड़िया, रोशनी सिंह धुर्वे और कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं.? हालांकि इस बात पर कितनी सच्चाई है यह तो जांच के विषय है लेकिन सूत्र यह भी बताते हैं इस पूरे मामले में जिस तरीके से कुछ विध्न संतोषी लोग कानून को अपने हाथ में लेकर उल्लंघन किया है उनके खिलाफ बहुत जल्द एफआईआर होने की बात कही जा रही है.?

 

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