उमरिया। जिले को नई ऊर्जा और संवेदनशील नेतृत्व मिला है। नवागत कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय अपने सहज स्वभाव, सरल व्यक्तित्व और जनता से सीधे जुड़ाव की कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। उनके आगमन से प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
आईएएस वर्ष 2015 बैच की अधिकारी श्रीमती सहाय का प्रशासनिक अनुभव लगभग 25 वर्षों का है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक सेवा वर्ष 2000 में उज्जैन में डिप्टी कलेक्टर के रूप में शुरू की। इसके बाद इंदौर, उज्जैन, खंडवा, मुरैना और खरगोन जैसे जिलों में एसडीएम, एडीएम तथा अतिरिक्त कलेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं। उनके अनुभव और कार्यशैली ने उन्हें एक कुशल एवं भरोसेमंद प्रशासक के रूप में स्थापित किया है।
शैक्षणिक रूप से भी वे अत्यंत उत्कृष्ट रही हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा केन्द्रीय विद्यालय से प्राप्त की, इसके बाद नूतन कॉलेज भोपाल से बी.ए. तथा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मार्केटिंग में विशेषज्ञता के साथ एमबीए किया। वर्ष 1998 में वे राज्य लोक सेवा आयोग में टॉपर भी रहीं। खेल के क्षेत्र में भी उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अंडर-19 बास्केटबॉल में भाग लेकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।
पूर्व में वे मध्यप्रदेश वित्तीय निगम, इंदौर में प्रबंध संचालक के पद पर कार्यरत रहीं तथा वर्तमान में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इंदौर में सचिव के रूप में दायित्व निभा चुकी हैं।नवागत
कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय का मानना है कि प्रशासन का वास्तविक उद्देश्य आमजन की समस्याओं को समझना और उनका समयबद्ध समाधान करना है। वे संवाद, सहभागिता और संवेदनशीलता को अपनी कार्यशैली का आधार मानती हैं। उनका प्रयास रहेगा कि शासन की योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर जरूरतमंद को समय पर सहायता मिल सके। उमरिया जिले में उनके आगमन से यह विश्वास मजबूत हुआ है कि विकास कार्यों को गति मिलेगी और प्रशासन आमजन के और अधिक करीब आएगा।