उमरिया (संवाद)। आज की भागमभाग और बिजी लाइफ में प्रतिदिन किसी न किसी बात पर चाहे वह घरेलू हो या कामकाजी हर मामले में इंसान को टेंशन से गुजरना पड़ता है जिससे वह स्वभाव में चिड़चिड़ा होता चला जाता है। मनुष्य के तनाव और चिड़चिड़ापन होने के चलते प्रेमानंद जी महाराज ने इन सब से मुक्त रहने कुछ आसान तरीके बताए हैं।
प्रेमानंद जी ने इससे छुटकारा और मुक्ति के लिए बताया कि सुबह जल्दी उठकर एक गिलास गर्म पानी पिए और कुछ दूर तक पहले इसके बाद योग अभ्यास करें। सबसे पहले 10 से 15 मिनट तक मौन बैठकर श्वासों पर ध्यान केंद्रित करें। ध्यान करने से न केवल तनाव कम होता है, बल्कि मानसिक स्पष्टता और आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। नियमित ध्यान करने से चिड़चिड़ापन और बेचैनी भी दूर हो सकती है। सूर्योदय से पहले ब्रह्म मुहूर्त में लगभग आधा से एक घंटा तक योग करने से साधना और आत्म संवाद का समय बेहतर होता है।
प्रेमानंद जी ने बताया कि कभी-कभी पेट से जुड़ी समस्याएं आम तौर पर उत्पन्न होती रहती हैं जैसे अपच, कब्ज, पेट फूलना जैसी समस्याओं से सामना होते रहता है। इन समस्याओं से भी मन में अशांति और तनाव बना रहता है। इसलिए ऐसे समय में शरीर और मन को स्थिर बनाए रखने के अपने डेली रूटीन में कुछ आदतों को शामिल करता चाहिए, जिससे सिर्फ तनाव ही दूर नहीं होगा, बल्कि कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।
प्रभु का स्मरण और आत्म चिंतन करें
प्रेमानंद महाराज के मुताबिक सुबह प्रभु का नाम जपना या भक्ति गीत गाना मानसिक शांति के लिए अत्यंत प्रभावी उपाय है। यह मन को एकाग्र करता है, दिल को निर्मल करता है और नकारात्मक विचारों को बाहर निकालता है। इससे मेंटल हेल्थ अच्छी होने के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी कई फायदे मिलते है। दिन की शुरुआत कुछ क्षणों के आत्मचिंतन और प्रभु के प्रति कृतज्ञता से करनी चाहिए। जैसे- मैं कौन हूं, मुझे क्या करना है, मेरे जीवन का उद्देश्य क्या है। साथ ही जो कुछ हमारे पास है उसके लिए धन्यवाद देना तनाव को कम करके मां और शरीर तनाव मुक्त होता है।