1 सितंबर को रिपोर्ट पेश नही की तो हाईकोर्ट स्वतंत्र एजेंसी से कराएगी जांच, हॉस्पिटल में अग्निकांड का मामला

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जबलपुर के हॉस्पिटल में अग्निकांड के बाद हाईकोर्ट सख्त,कहा जिम्मेदार अधिकारियों को क्यो नही बनाया आरोपी

जबलपुर (संवाद) बीते दिनों जबलपुर की एक हॉस्पिटल में भीषण अग्निकांड में 8 लोगों के जिंदा जलने के बाद मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार की जांच रिपोर्ट को लेकर फटकार लगाई है और सवाल पूछा है कि इस मामले के जिम्मेदार अधिकारियों को आरोपी क्यो नही बनाया गया और उनपर कार्यवाही क्यो नही की गई है।
मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से कहा है कि अगली सुनवाई में जांच कमेटी के द्वारा की गई जांच रिपोर्ट को कोर्ट में प्रस्तुत करें यह आखरी मौका दिया जा रहा है। रिपोर्ट पेश नही करने की स्थिति में हाईकोर्ट ने कहा है कि निर्धारित तिथि में रिपोर्ट पेश नही करने पर हाईकोर्ट स्वतंत्र एजेंसी से स्वयं जांच कराएगी।
गौरतलब है कि बीते दिनों जबलपुर के दमोह नाक स्थित न्यू लाइफ मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में शार्ट सर्किट से लगी भीषण आग से 8 लोंगों के जिंदा जलने और कई लोंगो के गंभीर घायल होने के बाद नियम विरुद्ध तरीके से और बगैर फायर सिस्टम एनओसी प्राप्त अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। जिसके बाद याचिकाकर्ताओ के द्वारा इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने सुनवाई के सख्त लहजे में सरकार को चेताया है कि जांच में सिर्फ अस्पताल प्रबंधन को आरोपी बनाया गया है जबकि इसकी देखरेख करने वाले सरकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दोषी क्यो नही बनाया गया है।
याचिका की सुनवाई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवि मालीमठ और न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा के अदालत में हुई। मध्यप्रदेश शासन की ओर से अतिरिक्त अधिवक्ता स्वप्निल गांगुली न्यायालय में पेश हुए और अपना पक्ष रखा है। सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने कहा कि अभी तक जांच कमेटी द्वारा जांच रिपोर्ट पेश नहीं किया गया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि जल्द ही कमेटी रिपोर्ट प्रस्तुत करें और पुलिस द्वारा की जा रही जांच की रिपोर्ट अगली सुनवाई 1 सितंबर को  बंद लिफाफे में पेश करें। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार को यह अंतिम मौका दिया जा रहा है अगली सुनवाई में सरकार संतोषजनक जवाब नहीं दे पाती है तो हाईकोर्ट स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराएगी।
बता दें कि न्यू मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में आग लगने से 8 लोग जिंदा जल गए थे इसके बाद उच्च न्यायालय ने सख्ती दिखाई तो राज्य सरकार ने आनन-फानन में आयुक्त के नेतृत्व में जांच कमेटी बना दी थी। जिसके बाद उच्च न्यायालय ने जबलपुर के 136 निजी अस्पतालों की जांच के निर्देश दिए हैं, मामले में अस्पताल के 6 संचालकों को आरोपी बनाया गया है।
Photo:google

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