सीएम शिवराज के सामने नपेगे जिले के कई भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी,अधिकारियों में मचा हड़कंप

Editor in cheif
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उमरिया (संवाद) जिले में बीते कुछ सालों से अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा भ्रष्टाचार और मनमानी का सिलसिला चला आ रहा है  कई बार शिकायतें आने के बाद भी कार्यवाही करना तो दूर बल्कि भ्रष्टाचार को और बढ़ावा दिया जा रहा है। फिर चाहे वह गरीबों के लिए सरकार के द्वारा दिया जाने वाला राशन हो, निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार हो या फिर कमीशन खोरी हो। आज 24 मई को दोपहर 1 बजे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आगमन हो रहा है। जहां पर लोगों के द्वारा जिले में अधिकारियों के इस रवैए की जमकर शिकायतें होने वाली है। हालांकि चुनावी साल है इस दौरान अभी तक सीएम शिवराज जिन जिन जिलों का दौरा किए हैं, वहां पर भ्रष्टाचारियों और कमीशन खोरो के खिलाफ खुली कार्यवाही की है और सीधे मंच से उन पर कार्यवाही की गई है।

दरअसल उमरिया जिले की कमान यहां के राजनीतिक दलों के हाथों में ना होकर प्रशासनिक मुखिया इसके मालिक बन जाते हैं और फिर वह जिले को अपना चारागाह समझने लगते हैं। जिले में चारों ओर भ्रष्टाचार का आलम है कोटेदार खाद्य विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ कर गरीबों के निगाह निवाला पर डाका डाल रहे हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जनता के लिए सुविधाओं के तौर पर किए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और फिर भ्रष्टाचार किसी से छुपा नहीं है। कई बार कागजों में हेराफेरी कर बगैर कार्य हुए ही उसका भुगतान कर दिया जाता है। आदिम जाति कल्याण विभाग इसका एक उदाहरण है जहां 4 करोड़ के निर्माण कार्य को कागज में ही पूरा कर दिया गया। इसके अलावा ऐसे तमाम विभाग हैं जहां कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है।

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उमरिया (संवाद) जिले में बीते कुछ सालों से अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा भ्रष्टाचार और मनमानी का सिलसिला चला आ रहा है  कई बार शिकायतें आने के बाद भी कार्यवाही करना तो दूर बल्कि भ्रष्टाचार को और बढ़ावा दिया जा रहा है। फिर चाहे वह गरीबों के लिए सरकार के द्वारा दिया जाने वाला राशन हो, निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार हो या फिर कमीशन खोरी हो। आज 24 मई को दोपहर 1 बजे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आगमन हो रहा है। जहां पर लोगों के द्वारा जिले में अधिकारियों के इस रवैए की जमकर शिकायतें होने वाली है। हालांकि चुनावी साल है इस दौरान अभी तक सीएम शिवराज जिन जिन जिलों का दौरा किए हैं, वहां पर भ्रष्टाचारियों और कमीशन खोरो के खिलाफ खुली कार्यवाही की है और सीधे मंच से उन पर कार्यवाही की गई है।दरअसल उमरिया जिले की कमान यहां के राजनीतिक दलों के हाथों में ना होकर प्रशासनिक मुखिया इसके मालिक बन जाते हैं और फिर वह जिले को अपना चारागाह समझने लगते हैं। जिले में चारों ओर भ्रष्टाचार का आलम है कोटेदार खाद्य विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ कर गरीबों के निगाह निवाला पर डाका डाल रहे हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जनता के लिए सुविधाओं के तौर पर किए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और फिर भ्रष्टाचार किसी से छुपा नहीं है। कई बार कागजों में हेराफेरी कर बगैर कार्य हुए ही उसका भुगतान कर दिया जाता है। आदिम जाति कल्याण विभाग इसका एक उदाहरण है जहां 4 करोड़ के निर्माण कार्य को कागज में ही पूरा कर दिया गया। इसके अलावा ऐसे तमाम विभाग हैं जहां कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है।ऐसा नहीं है कि इन सब मामलों की शिकायत नहीं हुई हो, लेकिन यहां पर लोग और आदिवासी जनता शिकायत कर करके थक चुकी है। उन्हें शिकायत के बाद इंतजार रहता है कि शायद कोई कार्यवाही होगी। लेकिन समय बीतता चला जाता है और कार्यवाही होना तो दूर बल्कि और भी बेखौफ तरीके से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जाता है। जिले की आदिवासी जनता आज के दिन के इंतजार में रही है कि जब उनके मुखिया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जिले में दौरा होगा तब यह बात रखी जाएगी। निश्चित रूप से सीएम शिवराज के द्वारा खुले मंच से और कई बार कैबिनेट की बैठकों में सख्त निर्देश दिए जाते रहे हैं कि भ्रष्टाचार और कमीशनखोरो को बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा वह कई बार प्रदेश के कई जिलों में दौरे के दौरान आई शिकायतों पर उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की है।

ऐसा नहीं है कि इन सब मामलों की शिकायत नहीं हुई हो, लेकिन यहां पर लोग और आदिवासी जनता शिकायत कर करके थक चुकी है। उन्हें शिकायत के बाद इंतजार रहता है कि शायद कोई कार्यवाही होगी। लेकिन समय बीतता चला जाता है और कार्यवाही होना तो दूर बल्कि और भी बेखौफ तरीके से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जाता है। जिले की आदिवासी जनता आज के दिन के इंतजार में रही है कि जब उनके मुखिया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जिले में दौरा होगा तब यह बात रखी जाएगी। निश्चित रूप से सीएम शिवराज के द्वारा खुले मंच से और कई बार कैबिनेट की बैठकों में सख्त निर्देश दिए जाते रहे हैं कि भ्रष्टाचार और कमीशनखोरो को बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा वह कई बार प्रदेश के कई जिलों में दौरे के दौरान आई शिकायतों पर उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की है।

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