शहडोल (संवाद)। यूं तो बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज शहडोल किसी ना किसी मामले में हमेशा सुर्खियों में रहता है, लेकिन इस बार तस्वीरें कुछ अलग ही बोल रही हैं। अस्पताल में भर्ती दूरदराज से आये मरीजों के परिजनों का हाल मेडिकल कॉलेज की तरह बेहाल है। यहां शेड की व्यवस्था नहीं होने से परिजन सड़क में बैठकर भरी बरसात में छाता लगाकर खाना बनाने को मजबूर है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और राज्य शासन के द्वारा यहां पर शेड की व्यवस्था भी नहीं कर सकी है।

राज्य सरकार के द्वारा शहडोल में मेडिकल कॉलेज तो खोल दिया लेकिन आज भी व्यवस्थाओं के नाम पर महज खानापूर्ति ही की जाती है। इस मेडिकल कॉलेज में पूरे संभाग से लोग रिफर होकर अच्छे इलाज के लिए यहां पर पहुंचते हैं लेकिन मरीजों के परिजनों के लिए व्यवस्था का अभाव है दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए यहां रुकने आओ खाना बनाने के लिए सेठ भी उपलब्ध नहीं है ऐसे में गरीब लोग सड़क में ही खुले आसमान के नीचे भरी बरसात में खाना बनाने के लिए मजबूर हैं।
