प्रदेश के सीनियर IAS और IPS को कभी रेल पटरियों पर ऐसे भागते देखा है,जानकर हो जाएंगे हैरान

Editor in cheif
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उमरिया (संवाद)। मध्यप्रदेश के एक सीनियर आईएएस और सीनियर आईपीएस को रेल पटरियों में पैदल दौड़ते हुए शायद ही इसके पहले किसी ने देखा होगा। यह बात भी सही है की देशभर के आईएएस और आईपीएस को कभी ऐसे भागने की जरूरत ही नहीं पड़ती। क्योंकि यह वही वरिष्ठ अधिकारी होते हैं जो सर्वोच्च पदों पर बैठकर देश और प्रदेश को चलाते हैं। इसके साथ ही इन्हें उन तमाम सुविधाओं और लाव लश्कर भी जरूरत से ज्यादा मिलता है। फिर इन्हें इस तरह रेल पटरियों में भागने की जरूरत ही क्या है?

दरअसल यह दोनों आईएएस और आईपीएस अधिकारी मध्यप्रदेश के शहडोल संभाग में पदस्थ हैं। जिसमें आईएएस राजीव शर्मा शहडोल संभाग के कमिश्नर के रूप में पदस्थ हैं वही आईपीएस डीसी सागर शहडोल जॉन के एडीजी पुलिस हैं। इन्हीं दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को रेल पटरियों पर दौड़ते और भागते देखा गया था।

बात 24 मई 2023 की है जब उमरिया जिले के ग्राम बरौला में लाडली बहना सम्मेलन का आयोजन किया गया था जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित महामहिम राज्यपाल मंगू भाई पटेल का भी आगमन हुआ था। इस कार्यक्रम में शामिल होने शहडोल संभाग के कमिश्नर राजेश शर्मा और एडीजी डीसी सागर शहडोल से चलकर उमरिया स्थित लाडली बहना सम्मेलन में जा रहे थे। इस दौरान लगभग 12:00 बजे के आसपास एक बस जिसमें लाडली बहना सम्मेलन मैं जाने वाले लोग सवार थे वह घंघरी नाका स्थित ओवरब्रिज में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घटना में 4 लोगों की दुखद मौत हो गई और दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। इस घटना की जानकारी चारों तरफ आग की तरह फैल गई। इसकी जानकारी कमिश्नर राजीव शर्मा और एडीजी डीसी सागर को भी हुई।

घटना की जानकारी के बाद कमिश्नर ऑफ एडीजी जल्द से जल्द घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को ज्यादा से ज्यादा मदद देने में शामिल होना चाहते थे। जिसके लिए वह अपने वाहन के ड्राइवर से घटनास्थल पर जल्द पहुंचने की बात कही। इस दौरान रास्ते में रेलवे फाटक होने और उस दौरान वहां पर रेलगाड़ी बिगड़ जाने के कारण रेलवे फाटक घंटों बंद रहा। इस दौरान दोनों अधिकारी परेशान होते रहे और सोचते रहे कि किसी कदर घटनास्थल पर पहुंच जाएं और घायलों को मदद मुहैया करा सके। कुछ देर तक रुके रहने के बाद दोनों ने सोचा कि रेल पटरियों से होते हुए फाटक और रेलगाड़ी को पार करके रेलवे लाइन के दूसरी तरफ पहुंचा जाए और फिर वहां से दूसरी गाड़ी बुलाकर घटनास्थल के लिए रवाना हो सकते है।

जिसके बाद दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने रेल पटरीओ में पैदल दौड़ लगा दी। कुछ दूर तक दौड़ने के बाद वह रेल पटरी पार करके दूसरी तरफ पहुंचे जहां वह पगडंडियों और खेतों से होकर सड़क में पहुंच गए। जहां पर दूसरी गाड़ी तत्काल पहुंची और वह उसमें बैठकर फौरन घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। घटनास्थल पर पहुंचकर उन्होंने घटना की जानकारी ली और फिर तत्काल हॉस्पिटल पहुंच गए जहां घायलों का उपचार किया जा रहा था। उनके द्वारा डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया गया कि सभी का इलाज अच्छे और पूरी सहानुभूति के साथ करें। उनके द्वारा अस्पताल में सभी घायलों से मिलकर उनके पूरी तरह से इलाज कराने की बात कही गई। निश्चित रूप से इन् दोनो बड़े अधिकारियों के द्वारा जनसेवा के लिए तड़प देखकर जनता के बीच अन्य बड़े अधिकारियों की बनी छवि से कहीं अलग ही प्रतीत होती है।

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