पूर्व पार्षद के अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुल्डोजर, मुक्त कराई गई करोड़ो की बेशकीमती भूमि,

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उमरिया (संवाद)। जिला मुख्यालय के प्रमुख सड़क मार्ग पुराने बस स्टैंड के आगे स्टेशन रोड पर प्रशासन ने काफी बड़े एरिया में किया गया अतिक्रमणकारियों के द्वारा अतिक्रमण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया है। जिसमें लगभग 18 हजार वर्ग फिट शासकीय भूमि को खाली कराया गया है। बीते कई सालों से इन अतिक्रमणकारियों के द्वारा शासन की करोड़ों रुपए की बेशकीमती भूमि को कब्जा कर कमर्शियल उपयोग किया जा रहा था। जिसे आज सोमवार को दोपहर जिला प्रशासन और नगरपालिका की टीम ने ढहा दिया है और भूमि को खाली कराया गया है।
दरअसल प्रदेश सरकार के द्वारा बीते कुछ महीनों से भू माफियाओं सहित अन्य माफियाओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया था। जिसके तहत पूरे प्रदेश के जिलों और शहरों में कई ऐसी कार्यवाई करके प्रशासन के द्वारा लाखों-करड़ों की बेशकीमती शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। इसी अभियान के तहत उमरिया शहर के मुख्य मार्ग स्टेशन रोड स्थित पूर्व पार्षद के द्वारा शासन के करोड़ों रुपए की बेशकीमती भूमि पर कब्जा कर लिया गया था और उसमें निर्माण करके कमर्शियल उपयोग किया जा रहा था। जिसे आज सोमवार की दोपहर जिला प्रशासन और नगरपालिका की टीम ने जेसीबी मशीन लगाकर निर्माण को ढहा दिया है और लगभग 18000 वर्ग फिट की बेशकीमती शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है।

इसके पहले भी अतिक्रमण हटाने हुई थी कार्यवाही

पूर्व पार्षद के द्वारा शासन की करोड़ों रुपए की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को लेकर प्रशासन के द्वारा इसके पहले भी कार्यवाही की गई थी। तब एक बड़े एरिया को बाउंड्री वॉल से कवर किया गया था जिसे प्रशासन ने जेसीबी मशीन लगाकर अवैध बाउंड्री को तोड़कर भूमि खाली कराई थी। लेकिन कुछ दिन बीतने के बाद अतिक्रमण कारी पूर्व पार्षद पुनः धीरे-धीरे उस पर कब्जा कर लिया और देखते ही देखते पक्का निर्माण करके उसके द्वारा कमर्शियल उपयोग किया जाने लगा।

बीते 10 दिन पहले भी अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम को खाली हाथ पड़ा था लौटना

पूर्व पार्षद के द्वारा स्टेशन रोड से लगी प्रमुख शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने बीते 10 दिन पहले भी कार्यवाही करने के लिए प्रशासन की टीम पहुंची थी। लेकिन उन्हें बैरंग लौटना पड़ा था। उस दौरान प्रशासन की कार्यवाही को रोकने कांग्रेस की टीम के द्वारा जमकर विरोध किया गया। उनका प्रशासन पर आरोप है कि प्रशासन बदले की कार्यवाही कर रहा है और शहर में चिन्हित करके कांग्रेस से जुड़े लोगों के ऊपर ही कार्यवाही की जा रही है। जबकि शहर में अन्य कई दलों के लोगों के द्वारा भी शासन की भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। लेकिन प्रशासन पक्षपातपूर्ण कार्यवाही करके सिर्फ कांग्रेस के लोगों को टारगेट कर रहा है। कांग्रेसियों के द्वारा विरोध के बाद अतिक्रमण हटाने गई प्रशासन की टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा था।

अतिक्रमण की कार्यवाही जायज या नाजायज

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उमरिया (संवाद)। जिला मुख्यालय के प्रमुख सड़क मार्ग पुराने बस स्टैंड के आगे स्टेशन रोड पर प्रशासन ने काफी बड़े एरिया में किया गया अतिक्रमणकारियों के द्वारा अतिक्रमण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया है। जिसमें लगभग 18 हजार वर्ग फिट शासकीय भूमि को खाली कराया गया है। बीते कई सालों से इन अतिक्रमणकारियों के द्वारा शासन की करोड़ों रुपए की बेशकीमती भूमि को कब्जा कर कमर्शियल उपयोग किया जा रहा था। जिसे आज सोमवार को दोपहर जिला प्रशासन और नगरपालिका की टीम ने ढहा दिया है और भूमि को खाली कराया गया है।दरअसल प्रदेश सरकार के द्वारा बीते कुछ महीनों से भू माफियाओं सहित अन्य माफियाओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया था। जिसके तहत पूरे प्रदेश के जिलों और शहरों में कई ऐसी कार्यवाई करके प्रशासन के द्वारा लाखों-करड़ों की बेशकीमती शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। इसी अभियान के तहत उमरिया शहर के मुख्य मार्ग स्टेशन रोड स्थित पूर्व पार्षद के द्वारा शासन के करोड़ों रुपए की बेशकीमती भूमि पर कब्जा कर लिया गया था और उसमें निर्माण करके कमर्शियल उपयोग किया जा रहा था। जिसे आज सोमवार की दोपहर जिला प्रशासन और नगरपालिका की टीम ने जेसीबी मशीन लगाकर निर्माण को ढहा दिया है और लगभग 18000 वर्ग फिट की बेशकीमती शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है।इसके पहले भी अतिक्रमण हटाने हुई थी कार्यवाहीपूर्व पार्षद के द्वारा शासन की करोड़ों रुपए की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को लेकर प्रशासन के द्वारा इसके पहले भी कार्यवाही की गई थी। तब एक बड़े एरिया को बाउंड्री वॉल से कवर किया गया था जिसे प्रशासन ने जेसीबी मशीन लगाकर अवैध बाउंड्री को तोड़कर भूमि खाली कराई थी। लेकिन कुछ दिन बीतने के बाद अतिक्रमण कारी पूर्व पार्षद पुनः धीरे-धीरे उस पर कब्जा कर लिया और देखते ही देखते पक्का निर्माण करके उसके द्वारा कमर्शियल उपयोग किया जाने लगा।बीते 10 दिन पहले भी अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम को खाली हाथ पड़ा था लौटनापूर्व पार्षद के द्वारा स्टेशन रोड से लगी प्रमुख शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने बीते 10 दिन पहले भी कार्यवाही करने के लिए प्रशासन की टीम पहुंची थी। लेकिन उन्हें बैरंग लौटना पड़ा था। उस दौरान प्रशासन की कार्यवाही को रोकने कांग्रेस की टीम के द्वारा जमकर विरोध किया गया। उनका प्रशासन पर आरोप है कि प्रशासन बदले की कार्यवाही कर रहा है और शहर में चिन्हित करके कांग्रेस से जुड़े लोगों के ऊपर ही कार्यवाही की जा रही है। जबकि शहर में अन्य कई दलों के लोगों के द्वारा भी शासन की भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। लेकिन प्रशासन पक्षपातपूर्ण कार्यवाही करके सिर्फ कांग्रेस के लोगों को टारगेट कर रहा है। कांग्रेसियों के द्वारा विरोध के बाद अतिक्रमण हटाने गई प्रशासन की टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा था।अतिक्रमण की कार्यवाही जायज या नाजायजनगर के नगर पालिका चुनाव के बाद से ही यह पूर्व पार्षद सत्ताधारी दल और प्रशासन के निशाने पर रहा है। इसके पीछे लोगों का तर्क है कि उक्त पार्षद के प्रभाव वाले 2 वार्ड जिसमें वार्ड नंबर 23 और 24 शामिल हैं। उन दोनो वार्डो में इनके प्रयास से दोनों जगह कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। पूरे चुनाव में इनके द्वारा उक्त दोनों वार्ड के कांग्रेस के प्रत्याशियों के साथ पूरा प्रयास किया और नतीजा यह हुआ कि दोनों वार्ड में कांग्रेस को विजय मिली थी। वहीं कुछ लोगों का यह भी तर्क है कि यह एक प्रशासन की रूटीन और स्वाभाविक कार्यवाही है। चूंकि पूर्व पार्षद के द्वारा नेतागिरी के दम पर शासन की करोड़ों कीमत की बेशकीमती भूमि को अतिक्रमण कर रखा था जिसके तहत यह कार्यवाही भू माफिया और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ है। लोगों का साफ तौर पर कहना है कि इतने बड़े एरिया में इनके द्वारा किया गया अतिक्रमण सरासर नाजायज है और प्रशासन की कार्यवाही उचित मानी जा रही है।
नगर के नगर पालिका चुनाव के बाद से ही यह पूर्व पार्षद सत्ताधारी दल और प्रशासन के निशाने पर रहा है। इसके पीछे लोगों का तर्क है कि उक्त पार्षद के प्रभाव वाले 2 वार्ड जिसमें वार्ड नंबर 23 और 24 शामिल हैं। उन दोनो वार्डो में इनके प्रयास से दोनों जगह कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। पूरे चुनाव में इनके द्वारा उक्त दोनों वार्ड के कांग्रेस के प्रत्याशियों के साथ पूरा प्रयास किया और नतीजा यह हुआ कि दोनों वार्ड में कांग्रेस को विजय मिली थी। वहीं कुछ लोगों का यह भी तर्क है कि यह एक प्रशासन की रूटीन और स्वाभाविक कार्यवाही है। चूंकि पूर्व पार्षद के द्वारा नेतागिरी के दम पर शासन की करोड़ों कीमत की बेशकीमती भूमि को अतिक्रमण कर रखा था जिसके तहत यह कार्यवाही भू माफिया और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ है। लोगों का साफ तौर पर कहना है कि इतने बड़े एरिया में इनके द्वारा किया गया अतिक्रमण सरासर नाजायज है और प्रशासन की कार्यवाही उचित मानी जा रही है।
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