निजीकरण का विरोध और अपनी अन्य मांगों को लेकर दैनिक वेतनभोगी हड़ताल पर, इधर चंदिया में ट्रेन स्टापेज को लेकर भूख हड़ताल का 6वां दिन

Editor in cheif
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उमरिया (संवाद) जिले में निजीकरण के विरोध और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर वेयर हाउस कर्मचारी हड़ताल पर है।वहीं चंदिया रेल्वे स्टेशन में ट्रेनों के स्टापेज को लेकर चंदिया नगर के लोंगो के द्वारा क्षेत्रीय संघर्ष समिति के बैनर तले 6 दिनों से भूख हड़ताल पर है।
निजीकरण के विरोध में एमपीडब्लूएलसी में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी जिला पंचायत स्थित बेयर हाउस में अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठ गए है।इनके हड़ताल पर जाने से इसका सीधा असर द्वार  प्रदाय योजना,उपार्जन,भंडारण सहित मूंग खरीदी पर होगा।
गौरतलब है कि जिले में उमरिया-मानपुर सहित लगभग 45 दैनिक वेतन भोगी (श्रमिक लाल बाउचर)बेयर हाउस में कार्यरत है। इन सभी को लगभग 8 से 9 हजार की कलेक्टर रेट पर वेतन मिल रही थी। बताया गया कि विभाग किसी गुजरात प्रदेश की निजी कम्पनी आरबी प्राइवेट लिमिटेड को ठेके पर कार्य दे दिया है। हड़ताली वेतन भोगियों का मानना है कि निजीकरण से बेयर हाउस में 2007 से काम कर रहे हम सभी वेतन भोगी बेरोजगार हो जाएंगे।पीड़ित वेतन भोगियों ने कलेक्टर से भी अपनी शिकायत की है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बेयर हाउस में काम कर रहे ऐसे वेतन भोगियों की तादात 3600 के पार है,इनमें करींब 45 जिले के अलग अलग बेयर हाउस में पदस्त है।पीड़ित वेतन भोगियों का यह भी कहना है कि सम्मानीय न्यायालय ने नियमितीकरण का आदेश पूर्व के वर्षों में दिया था,परन्तु शासन स्तर से कोई कार्यवाही नही की गई,अब विभाग के कार्य को निजी कम्पनी के हाथों सौंपकर हम सभी को बेरोजगार किया जा रहा,जो उचित नही है,जिन कारणों से मजबूरन हम सभी पीड़ित दैनिक वेतन भोगी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर गए है।

ट्रेन स्टापेज, भूख हड़ताल में 5वे दिन अधिवक्ता हुए शामिल

चंदिया में ट्रेन स्टापेज को लेकर 6 दिनों से चल रहे भूख हड़ताल में 5 वें दिन कई अधिवक्ता शामिल होकर अपना पूरा समर्थन दिया है। गौरतलब है रेल्वे के चंदिया स्टेशन में पूर्व में रुक रही सवारी ट्रेनों का स्टापेज बंद कर दिया है। जिससे आमलोगों में गुस्सा और आक्रोश है।
सवाल इस बात का है कि क्षेत्र से कोयले उत्पादन और उसके परिवहन से करोड़ों के राजस्व एवम बेशुमार टिकट बुकिंग के बाद आखिर कोविड काल के बाद रेल प्रबंधन ने ऐसा मनमाना फैसला क्यों किया।इसी मामले से नाराज़ जिले के चंदिया में क्षेत्रीय संघर्ष समिति पिछले पांच दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर है,हर रोज़ यहाँ दर्जन भर लोग क्रमिक भूख हड़ताल में शामिल होकर अपनी आवाज़ रेल प्रबंधन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।रेल ठहराव को लेकर आंदोलित क्षेत्रीय संघर्ष समिति के आंदोलन का समर्थन पांचवें दिन अधिवक्ता संघ एवम व्यापारी संघ ने भी किया है,इस मौके पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह एवम व्यापारी संघ के अध्यक्ष राकेश प्रताप सिंह अनशनरत स्थल चंदिया पहुंचकर क्रमिक भूख हड़ताल पर पांचवे दिन बैठे अधिवक्ताओं का हौसला बढ़ाया है।इस दौरान उन्होंने कहा कि रेल प्रबंधन मनमानी कर रहा है,प्रबंधन को कम से कम कोरोना काल से पूर्व जिन ट्रेनों का ठहराव जिले में हो रहा था,उसे यथावत करने की ज़रूरत है।क्षेत्रीय संघर्ष समिति द्वारा रेल ठहराव को लेकर लगातार पांच दिनों से हो रही क्रमिक भूख हड़ताल में शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया,इस दौरान क्रमिक भूख हड़ताल में एड अजय मिश्र,एड पंकज द्विवेदी,एड मुख्तार खान,एड निर्मल सिंह,एड संदीप मिश्र,एड संजय अग्रवाल,एड चंदन अग्रवाल,एड सोमनाथ साहू,एड दिनेश कुमार तोमर,एड धनन्जय द्विवेदी शामिल रहे,जो 24 घण्टे भूख हड़ताल पर रहेंगे।एक दिन पहले गुरुवार को नगर पालिका उपाध्यक्ष अनुपम चतुर्वेदी सहित राममिलन अग्रवाल,मुनव्वर अली,राजेश पांडेय,अखिल अग्रवाल,गोविंद यादव,मोती लाल कोरी,हेमंत कुशवाहा,संतोष पाठक,सुरेंद्र मरकरहा,मंगलेश्वर अग्रवाल,जगन लाल,संतोष विश्वकर्मा, गुरुदयाल रजक क्रमिक भूख हड़ताल का हिस्सा रहे है।क्षेत्रीय संघर्ष समिति की मांगों से आमजन इतना अभिभूत और सहमत है कि क्रमिक भूख हड़ताल का हिस्सा बनने लोग जमकर आतुर है,कुल मिलाकर रेल ठहराव को लेकर आमजन का जमकर सहयोग मिल रहा है,देखना होगा रेल प्रबंधन कब तक इन मांगों पर अपनी स्वीकारोक्ति देती है।
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